महादेव सट्टेबाजी घोटाला : करोड़ों की आलीशान शादी में गए थे बॉलीवुड सितारे, अब पाकिस्तान से लिंक !

बता दें कि महादेव सट्टेबाजी ऐप्स में दुनिया की हर चीज के लिए अलग-अलग गेम, लॉटरी और सट्टेबाजी के विकल्प हैं, जिसमें चुनाव परिणाम, मौसम, मैचों की भविष्यवाणी भी शामिल है.

डिजिटल डेस्क- महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर की शादी फरवरी महीने में संयुक्त अरब अमीरात में हुई थी.इस शादी के लिए आलीशान समारोह का आयोजन रखा गया था. खास बात इस शादी की ये है कि इस शादी में कई बॉलीवुड की कलाकार भी शामिल हुए थे. और इन कलाकारों ने इस शादी में खास परफॉर्मेंस भी दी थी.इस शादी का एक वीडियो भी हाथ लगा. जिसमें बॉलीवुड के कलाकार और सिंगर गाते और परफॉर्म करते हुए दिखाई दे रहे थे.हवाला के जरिए ही 200 करोड़ से ज्यादा का भुगतान किया गया था.

अब ये हाईप्रोफाइल शादी विवादों और से घिरते हुए दिखाई दे रही है. बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने हाल ही में हवाला संचालकों के यहां छापेमारी की थी. जिन्होंने इस इवेंट के लिए रकम,मुंबई की इवेंट फर्म को भेजी थी.

प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों के मुताबिक महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के मालिकों के स्थानीय व्यापारियों और हवाला संचालन के अलावा पाकिस्तान में भी संबंध होने का संदेह है.

सूत्रों के अनुसार, बताया गया कि सट्टेबाजी घोटाले की जांच कर रही ईडी अब सामने आए नए विवरणों के आधार पर वैश्विक एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग एजेंसियों से सहयोग मांग सकती है. सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल द्वारा प्रवर्तित कंपनी, जो दुबई से परिचालन चला रही थी, कथित तौर पर नए उपयोगकर्ताओं को नामांकित करने, उपयोगकर्ता आईडी बनाने और बेनामी बैंक खातों के एक स्तरित वेब के माध्यम से धन शोधन करने के लिए ऑनलाइन बुक सट्टेबाजी एप्लिकेशन का उपयोग कर रही थी.

घोटाले का मूल्य पहले से ही 5,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है और जांच आगे बढ़ने पर यह और बढ़ सकता है. 28 वर्षीय सौरभ चंद्राकर की संयुक्त अरब अमीरात में 250 करोड़ रुपये की भव्य शादी के बाद जांच की गई, जिसके बाद जांचकर्ताओं को संयुक्त अरब अमीरात और पाकिस्तान में कथित हवाला संचालन और उनके कनेक्शन के विवरण मिले. लगभग आठ प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाला ऑपरेटर एक समान पोर्टल चलाकर मध्य पूर्व के देशों और पाकिस्तान में पैसों की हेराफेरी करने के आरोप में जांच के दायरे में हैं. चंद्राकर और उनके सहयोगियों ने कथित तौर पर विदेशी खातों में मनी लॉन्ड्रिंग के लिए कम से कम 70 फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल किया.

ईडी के सूत्रों ने कहा कि इस साल फरवरी में चंद्राकर की शादी और पिछले साल सितंबर में कंपनी की सफलता पार्टी में भाग लेने या प्रदर्शन करने के लिए श्रद्धा कपूर, टाइगर श्रॉफ, सोनाक्षी सिन्हा और अन्य सहित 17 बॉलीवुड हस्तियां जांच के दायरे में हैं.

मशहूर हस्तियों ने शादी में भाग लेने और परफॉर्मेंस करने के लिए फीस के रूप में बड़ी मात्रा में नकद स्वीकार किया. यह पैसा अपराध से प्राप्त आय है और सेलिब्रिटी पैसे लेने के लिए उत्तरदायी हैं. शादी में एक दर्जन से अधिक मशहूर हस्तियों ने भाग लिया और वे वीडियो में नजर आ रहे हैं.

एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग एजेंसी अब ऐप मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से सहयोग लेने के विकल्प तलाश रही है, जो इस समय में संयुक्त अरब अमीरात में है.

निदेशालय पहले ही भारत के कई शहरों में हवाला ऑपरेटरों से संबंधित कई परिसरों पर छापेमारी कर चुका है और 417 करोड़ रुपये जब्त कर चुका है.मुंबई में हाल ही में छापेमारी के दौरान, ईडी ने सात हवाला सरगनाओं का भी पता लगाया, जिन्होंने कथित तौर पर धन की हेराफेरी की थी. सूत्रों के जरिए पता चला है कि प्रत्येक हवाला ऑपरेटर ने धन शोधन के लिए 500 से अधिक डमी खातों को संभाला.

बता दें कि महादेव सट्टेबाजी ऐप्स में दुनिया की हर चीज के लिए अलग-अलग गेम, लॉटरी और सट्टेबाजी के विकल्प हैं, जिसमें चुनाव परिणाम, मौसम, मैचों की भविष्यवाणी भी शामिल है.और ये पिछले 4 सालों से चालू हैं. सारदा और रोज़ वैली घोटालों जैसी अन्य पोंजी योजनाओं की तरह ही, ऑनलाइन ऐप ने निम्न आय वर्ग को टॉरगेट किया है. खेल, लॉटरी और सट्टेबाजी के सभी विकल्पों में धांधली हुई, जहां ‘खिलाड़ियों’ ने हमेशा पैसा खोया और कंपनी को फायदा हुआ.

चंद्राकर की कंपनी को कथित तौर पर घोटाले से लगभग 5,000 करोड़ रुपये का फायदा हुआ, और ये भी बता दें कि इनकी शुरुआत छत्तीसगढ़ में जूस बेचने वाले के रूप में हुई उनकी शैक्षणिक योग्यता अभी भी अज्ञात है. ईडी के सूत्रों के अनुसार ये भी पता चला कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा के आवास पर हाल ही में हुई छापेमारी से सट्टेबाजी कंपनी के साथ विनोद वर्मा के कथित संबंधों का पर्दाफाश हुआ.

इस छापे के बाद, विनोद वर्मा ने मीडिया को संबोधित करते हुए, ईडी पर “काल्पनिक” विवरणों के आधार पर उनके खिलाफ मामला बनाने का आरोप लगाया और छापे को “डकैती” कहा था.

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