पंजाब के गांवों को शहरों से जोड़ेंगी 100 नई मिनी बसें… सीएम भगवंत मान का बड़ा ऐलान…

पंजाब सीएम भगवंत मान ने पटियाला से 100 नई मिनी बसों को हरी झंडी दिखाई। PRTC के 9 डिपो से गांव-शहर जुड़ेंगे और 150 युवाओं को रोजगार मिला।

पटियाला। पंजाब में ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 100 नई मिनी बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पंजाब रोडवेज ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (पीआरटीसी) के बेड़े में शामिल की गईं ये 29 सीटों वाली बसें ग्रामीण और छोटे कस्बों के मार्गों पर चलाई जाएंगी। सरकार का कहना है कि इस पहल से गांवों के लोगों, विद्यार्थियों, कामगारों और छोटे व्यापारियों के लिए शहरों तक पहुंचना आसान होगा। इसके साथ ही लगभग 150 ड्राइवरों और कंडक्टरों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

हर गांव तक बस सेवा पहुंचाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बसों को रवाना करते हुए कहा कि उनकी सरकार पंजाब के हर गांव को शहरों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जिस तरह नहरी पानी हर खेत तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है, उसी तरह बस सेवाओं का विस्तार भी गांव-गांव तक किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, सार्वजनिक परिवहन केवल यात्रा का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण समुदायों के लिए जरूरी सुविधा है। बेहतर बस सेवाओं से विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज जाने, लोगों को रोजगार तक पहुंचने और ग्रामीण निवासियों को बाजारों, मंडियों तथा अन्य आवश्यक सेवाओं का लाभ लेने में मदद मिलेगी।

नौ डिपो में बांटी गईं 100 मिनी बसें

नई मिनी बसों को पीआरटीसी के नौ डिपो में वितरित किया गया है। इनमें पटियाला को 25, बठिंडा और चंडीगढ़ को 15-15, संगरूर को 10, बरनाला को 9, बुढलाडा को 8, कपूरथला को 7, फरीदकोट को 6 और लुधियाना को 5 बसें दी गई हैं।

इन बसों के ग्रामीण और छोटे कस्बों के मार्गों पर चलने से स्थानीय लोगों के दैनिक आवागमन को सुविधाजनक बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

अगले महीने बेड़े में शामिल होंगी 309 बड़ी बसें

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि अगले महीने पंजाब के बस बेड़े में 309 और बड़ी बसें शामिल की जाएंगी। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 3,000 निजी मिनी बसें भी गांवों, कस्बों और शहरों को जोड़ने का काम कर रही हैं।

150 युवाओं के लिए रोजगार के अवसर

सरकार के अनुसार, 100 नई मिनी बसों के संचालन से लगभग 150 ड्राइवरों और कंडक्टरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इस अवसर पर 15 युवाओं को परिवहन विभाग में नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने का उद्देश्य केवल यात्रा को आसान बनाना नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों तक लोगों की पहुंच बढ़ाना भी है। कार्यक्रम में परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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