
डेस्क : साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण आज, 17 फरवरी को लगने जा रहा है। भारतीय समयानुसार यह ग्रहण शाम 5 बजकर 31 मिनट पर शुरू होगा और शाम 6 बजकर 57 मिनट पर समाप्त होगा। हालांकि, यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। खगोलीय जानकारी के अनुसार, यह ग्रहण मुख्य रूप से दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त राज्य अमेरिका के दक्षिणी हिस्सों में दिखाई देगा।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, अमावस्या तिथि में लगने वाला यह ग्रहण प्रकृति और सभी राशियों पर प्रभाव डाल सकता है। ग्रहण को लेकर विभिन्न प्रकार की आशंकाएं भी जताई जा रही हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि जिन क्षेत्रों में यह ग्रहण दिखाई देगा, वहां प्राकृतिक घटनाओं की तीव्रता बढ़ सकती है। हालांकि, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ग्रहण एक सामान्य खगोलीय घटना है और इसे लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचने की सलाह दी जा रही है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहण का प्रभाव राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों पर भी पड़ सकता है। कई स्थानों पर जन असंतोष या अस्थिरता जैसी स्थितियां उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा, ग्रहण के दौरान कुछ लोगों को मानसिक या शारीरिक स्वास्थ्य पर भी प्रभाव महसूस हो सकता है।
भारत में यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा। ज्योतिषियों के अनुसार, भारत में इसके प्रभाव सकारात्मक रहने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन इसके बावजूद सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें?
वैज्ञानिक लोगों से अपील कर रहे हैं कि ग्रहण को लेकर किसी भी तरह की भ्रांतियों पर ध्यान न दें और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। सूर्य ग्रहण के दौरान पके हुए भोजन, तामसिक भोजन, और भारी खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह दी जाती है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए ग्रहण के दौरान व्रत रहना और हल्का, सात्विक भोजन करना अच्छा माना जाता है।









