पूर्व बसपा MLC हाजी इकबाल की 56 संपत्तियां कुर्क, करीब 2.75 अरब आंकी गई कीमत…

उत्तर प्रदेश के पूर्व बसपा एमएलसी हाजी इकबाल की 56 संपत्तियों को कुर्क किया गया है, जिनकी कुल कीमत करीब 2.75 अरब रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई है, और बताया जा रहा है कि ये संपत्तियां अवैध खनन और लकड़ी तस्करी से अर्जित की गई थीं। जिलाधिकारी मनीष बंसल के आदेश पर संपत्तियों की कुर्की की गई, और अब इन संपत्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।

Uttar-Pradesh: उत्तरप्रदेश के सहारनपुर जिले में पूर्व बसपा MLC हाजी इकबाल के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने आदेश जारी करते हुए हाजी इकबाल की 56 संपत्तियों को कुर्क करने का निर्णय लिया। इस कार्रवाई के तहत करीब 2.75 अरब रुपये की संपत्ति की कुर्की की गई है, जो कि अवैध तरीके से अर्जित की गई बताई जा रही है।

बता दें, गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई यह कार्रवाई हाजी इकबाल की अवैध खनन और लकड़ी तस्करी से अर्जित संपत्ति को लेकर की गई है। इसके अलावा, उनके खिलाफ कई आरोप यह भी हैं कि उन्होंने विभिन्न सरकारी जमीनों पर कब्जा किया था। हाजी इकबाल के खिलाफ सहारनपुर के विभिन्न थानों में करीब 50 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से अधिकांश अवैध गतिविधियों और अपराधों से संबंधित हैं।

बता दें, यह कार्रवाई उस समय की जा रही है जब उत्तर प्रदेश सरकार ने गैंगस्टर एक्ट के तहत अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का ऐलान किया था। इस कानून के तहत किसी भी अपराधी की अवैध संपत्ति को कुर्क किया जा सकता है, ताकि उनका आर्थिक आधार समाप्त किया जा सके। हाजी इकबाल के खिलाफ चल रही जांच और इन संपत्तियों की कुर्की, सरकार द्वारा उठाए गए कड़े कदमों का हिस्सा है।

बता दें, जिलाधिकारी मनीष बंसल ने इस कार्रवाई की पूरी जिम्मेदारी तहसीलदार बेहट को सौंप दी है, जो अब इन संपत्तियों के प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे। इससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि हाजी इकबाल की अवैध संपत्तियों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जनता के लिए वापस किया जाएगा।

यह घटना यह भी दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों के तहत अब अपराधियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जा रहा हैं। हाजी इकबाल की संपत्तियों की कुर्की के बाद इस तरह के और मामलों की जांच का दौर जारी रहेगा, ताकि भविष्य में इस प्रकार के अपराधों पर कड़ी नजर रखी जा सके।

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