मिडिल ईस्ट तनाव पर 7 देशों की कड़ी प्रतिक्रिया: ईरान की कार्रवाई की निंदा, होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की मांग

उन्होंने स्पष्ट किया कि समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद जरूरी है और इसे बाधित करना गंभीर चिंता का विषय है।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया के सात प्रमुख देशों कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, जापान और यूनाइटेड किंगडम ने ईरान की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। इन देशों ने ईरान पर बिना हथियार वाले व्यापारिक जहाजों और तेल-गैस से जुड़े नागरिक ढांचे पर हमले करने का आरोप लगाया है।

संयुक्त बयान में इन देशों ने कहा कि ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद करना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद जरूरी है और इसे बाधित करना गंभीर चिंता का विषय है।

इन देशों ने ईरान से तुरंत अपनी सैन्य गतिविधियां रोकने और जलडमरूमध्य को खोलने की अपील की है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को तैयार हैं।

वहीं चीन ने भी इस पूरे मामले पर चिंता जताई है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है और इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। उन्होंने सभी पक्षों से तत्काल तनाव कम करने और सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की है।

इस बीच यूनाइटेड किंगडम ने अमेरिका के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए एक योजना तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। ब्रिटेन ने सैन्य योजनाकारों की एक टीम को अमेरिकी सेंट्रल कमांड के साथ समन्वय के लिए भेजा है।

गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बंद करने की कोशिश की, जिससे वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति और व्यापार पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

Related Articles

Back to top button