
वाराणसी : केंद्र की बीजेपी सरकार का 9 साल कार्यकाल पूरा हो गया, ऐसे में एक तरफ बीजेपी के तमाम नेता केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिना रही है.वही कांग्रेस ने बीजेपी के 9 साल के कार्यकाल को लेकर 9 सवाल लेकर देशभर में प्रेस कान्फ्रेस कर रही है। इसी क्रम में पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे ने किसानो को साथ लेकर केंग्रेस के 9 सवालों को देश के सामने रखा। इस दौरान वाराणसी के मोहनसराय के बैरवन गांव में किसानो के ऊपर हुए बर्बरता पूर्वक पुलिस के लाठीचार्ज पर भी राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे ने सवाल खड़े किए.

9 साल बाद देश पूछ रहा किसके आए अच्छे दिन
बीजेपी के गढ़ वाराणसी में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे ने सरकार से सवाल करते हुए खा कि 9 साल में किसके अच्छे दिन आए, यह सवाल देश पूछ रहा है ? लेकिन जब कांग्रेस ने इस सवाल को खोजा तो पता चला कि बीजेपी के 9 साल के कार्यकाल में केवल चंद मुठ्ठीभर दोस्त धन्नासेठों के अच्छे दिन आए है। बीजेपी ने अच्छे दिन कि आड़ में देश को दुःख और दर्द की आग में झोंक दिया है.
गुलाम नबी आजाद पर कांग्रेस के प्रवक्ता ने जताया सद्भावना
नए संसद भवन विवाद के बीच कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के द्वारा नए संसद भवन के उद्घाटन का विरोध करने वाले कांग्रेस सही विपक्ष की आलोचना किए जाने पर कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे ने कहा कि गुलाम नबी आजाद के प्रति मेरी सद्भावना है, जब से उनके ऊपर बीजेपी ने रोशनी एक्ट के तहत 25 हजार करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया था और हाईकोर्ट ने सीबीआई की इंक्वाइरी करवाया, तब से वह भारतीय जनता पार्टी के प्रति थोड़ी सद्भावना प्रकट कर रहे है। सभी को एक स्वर में कहना चाहिए कि भारत की राष्ट्रपति को आमंत्रित करना है। भारत के आर्टिकल 79 में साफ कहा गया है कि संसद की परिभाषा होगी, तो देश के संविधान के जो अभिभावक है उनको सरकार आमंत्रण देने से पीछे क्यों हट रही है। नए संसद भवन के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट में कांग्रेस नही गई थी, जो याचिका लेकर गया था उसे फटकार लगी है न की कांग्रेस पार्टी को.
रिपोर्ट : नीरज जायसवाल , भारत समाचार, वाराणसी









