लखनऊ एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 से अंतरराष्ट्रीय उड़ानो का 3 जून से होगा संचालन

लखनऊ : चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल (सीसीएसआई) एयरपोर्ट ने आज घोषणा की कि घरेलू परिचालन को नए एकीकृत टर्मिनल 3 (टी3) पर स्थानांतरित करने के बाद, अब अंतर्राष्ट्रीय परिचालन को भी टी3 पर स्थानांतरित करने का समय आ गया है। 8 जून की सुबह 6:00 बजे के बाद सभी अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का संचालन टी3 से शुरू होगा।

वर्तमान में, इंडिगो एयरलाइंस, एयर इंडिया एक्सप्रेस, सउदिया एयरलाइंस, ओमान एयर, थाई एयर एशिया, फ्लाइनास, सलाम एयर और फ्लाई दुबई टर्मिनल 1 से अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करते हैं। 8 जून से, वे अपने सभी संचालन को टी3 पर ले जाएंगे।

टी3 पर अंतरराष्ट्रीय परिचालन स्थानांतरित करने की घोषणा करते हुए, सीसीएसआई एयरपोर्ट के प्रवक्ता ने कहा, “10 मार्च को माननीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा टर्मिनल 3 के उद्घाटन के बाद, सीसीएसआई एयरपोर्ट ने 31 मार्च को अकासा एयर के साथ टी-3 से परिचालन शुरू किया और 21 अप्रैल को सभी घरेलू उड़ानो को टी-3 पर स्थानांतरित किया था। अब 8 जून से अंतर्राष्ट्रीय परिचालन को टी-3 पर स्थानांतरित करने के साथ, सभी उड़ान संचालनो को एक स्थान पर स्थानांतरित करने की चरणबद्ध योजना का अंत होगा। लखनऊ एयरपोर्ट सभी एयरलाइनों का टी-3 पर स्वागत करता है।”

प्रवक्ता ने कहा, “2,400 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित प्रथम चरण में टी-3 की क्षमता प्रति वर्ष 80 लाख यात्रियों की है। दूसरे चरण के अंत तक यह क्षमता बढ़ कर प्रति वर्ष 1.3 करोड़ हो जाएगी। टर्मिनल-3 13,000 से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करेगा।”

सभी प्रस्थान करने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को लक्ष्मण सर्किल से उपर की ओर जाते हुए – अप रैंप लेना होगा और आगमन करने वाले यात्रियों को टर्मिनल 3 के नीचले तल – ग्राउंड-लेवल के गेट-1 से रिसीव किया जा सकता है। हवाई अड्डे के प्रवक्ता ने कहा, “यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है कि टर्मिनल 3 में स्थानांतरण के बारे में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से आने और जाने वाले यात्रियों को समय से पहले पर्याप्त जानकारी प्रदान की जाए।”

लखनऊ के माध्यम से किसी अन्य विदेशी गंतव्य की यात्रा पर जाने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्री टर्मिनल 3 पर विकसित अंतरराष्ट्रीय-से-अंतरराष्ट्रीय स्थानांतरण सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। अंतरराष्ट्रीय उड़ानो के लिए हवाई अड्डे ने आगमन और प्रस्थान के लिए एक एयरोब्रिज और एक बस बोर्डिंग गेट समर्पित किया है, आवश्यकता होने पर एक और एयरोब्रिज का विकल्प भी उपलब्ध है।

लखनऊ हवाई अड्डा, अंतर्राष्ट्रीय उड़ानो से यात्रा करनेवाले यात्रियों को टी-3 की ओर मार्गदर्शन देने के लिए हवाई अड्डे के निकट रणनीतिक निर्णय लेने वाले बिंदुओं पर ग्राहक सेवा सहयोगियों और साइनेज की तैनाती करेगा, जिसमें हवाई अड्डा मेट्रो स्टेशन और पुराना टर्मिनल-1 शामिल है। यात्रियों के लिए एक विशेष रास्ता भी बनाया गया है, ताकि यात्री पुराने टर्मिनल-1 पर पहुंचने की स्थिति में टर्मिनल-3 की ओर चल कर जा सकें।

सीसीएसआई हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 में यात्रियों को सहज अनुभव प्रदान करने के लिए डिजी यात्रा, पर्याप्त चेक-इन काउंटर, सामान्य उपयोग के स्वयं सेवा कियोस्क, स्वयं सामान ड्रॉप सेवा, स्वचालित ट्रे पुनर्प्राप्ति प्रणाली, उन्नत सामान जांच मशीन, बैगेज पुनः प्राप्त बेल्ट और विमानों के लिए एयरोब्रिज और पार्किंग बे सहित कई प्रमुख विशेषताएं हैं।

उत्तर प्रदेश की कला और वास्तुकला के साथ हवाई अड्डे पर एक अद्भुत दृश्य-श्रव्य अनुभव को जीवंत किया गया है, जो प्रवेश द्वार से लेकर बोर्डिंग गेट तक है। चेक-इन काउंटर पर ‘चिकनकारी’ और ‘मुकैश’ कढ़ाई और चेक-इन हॉल में रोशनदान यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर देंगे। अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा होल्ड क्षेत्र में ‘उत्तर प्रदेश की झाकी’ यात्रियों का स्वागत करेगी। जबकि आने वाले यात्री ‘स्वागत दीवार’ पर लखनऊ की मेला संस्कृति को देख सकेंगे। फ्रॉस्टिंग पर ग्राफिक्स में राज्य पक्षी ‘सारस’ को दर्शाया गया है, रामायण और महाभारत महाकाव्यों की कहानियाँ भारत की संस्कृति को प्रदर्शित करेंगी।

लखनऊ एयरपोर्ट मेट्रो कनेक्टिविटी, इंटरसिटी इलेक्ट्रिक बस सेवा और ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं के साथ एक मल्टी-मॉडल ट्रैवल हब होने की ओर अग्रसर है।

Related Articles

Back to top button