अखिलेश के दावे से भाजपा खेमे में मची हलचल! उपचुनाव के बाद होगा बड़ा खेल?

'ये जो अंग्रेजों के विचार वंशी हैं, सब उल्टा काम कर रहे हैं. समाज में नफरत घोल रहे हैं. कटुता फैला रहे हैं. दूरियां पैदा कर रहे हैं. वे पीडीए....

उत्तर प्रदेश में 9 सीटों पर हो रहे उपचुनाव के बीच भाजपा और समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ा दावा हैं.. जिससे भाजपा खेमे में हलचल मच गई हैं.. अखिलेश यादव ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की नौ विधानसभा सीट पर उपचुनाव और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की पराजय के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कुर्सी छीन ली जाएगी.

‘नफरत का बारूद’

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री समाज में ‘नफरत का बारूद’ बिछा रहे हैं और भेदभाव कर रहे हैं साथ ही दूसरी तरफ उन्हीं की पार्टी के लोग उन्हें हटाने के लिए उनकी कुर्सी तक ‘सुरंग’ खोद रहे हैं.

भाजपा नम्बर दो की पार्टी

इसके साथ ही अखिललेश यादव न भाजपा को उत्तर प्रदेश में नम्बर दो की पार्टी बताया. अखिलेश ने कहा कि जबसे भाजपा लोकसभा चुनाव हारी है, इनके नेताओं को नींद नहीं आ रही है. प्रदेश में नौ सीट पर हो रहा उपचुनाव बहुत महत्वपूर्ण है. भाजपा उपचुनाव तो हारेगी ही, साथ ही महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव भी हारेगी। और उसके बाद मुख्यमंत्री जी की कुर्सी छिन जायेगी.’

जनता भाजपा को हरायेगी

अखिलेश यादव ने सत्तारूढ़ भाजपा को निशाने पर लेते हुए दावा किया, ‘ये जो अंग्रेजों के विचार वंशी हैं, सब उल्टा काम कर रहे हैं. समाज में नफरत घोल रहे हैं. कटुता फैला रहे हैं. दूरियां पैदा कर रहे हैं. वे पीडीए की एकजुटता से डरे हैं. उपचुनाव में हार के डर से हिले हुए हैं.” सपा प्रमुख ने कहा कि मुख्यमंत्री अब अधिकारियों को आगे कर चुनाव लड़ना चाहते हैं लेकिन इस बार जनता और समाजवादी पार्टी तैयार है तथा जनता भाजपा को हरायेगी.

आज प्रचार का आखिरी वार

बता दें कि यूपी में 9 सीटों पर हो रहे विधानसभा उपचुनाव के लिए सोमवार यानि कि आज प्रचार का आखिरी वार हैं. शाम 6 बजे के बाद प्रचार बंद हो जाएगा और बुधवार 20 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा. वही नतीजे शनिवार 23 नवंबर को आएंगे.

अखिलेश यादव उपचुनाव में बहाया पसीना

अगर इस उपचुनाव के अहमियत की बात करें तो इससे समझा जा सकता है कि भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी के अलावा बहुजन समाज पार्टी ने भी सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए हैं. भाजपा के आक्रामक प्रचार का क्रम तो जारी रहा है, साथ ही पहली बार सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी उपचुनाव में सभी सीटों पर पसीना बहाया है। सीएम योगी एक-एक सीट की रणनीति के साथ मैदान में उतरे। ऐसे में ये देखा काफी दिलचस्प होगी की किसकी रणनीति इस चुनाव में काम आती हैं.. और कौन बाजी मारता हैं..

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