
Barabanki: जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के आदेश के बावजूद, पिछले एक पखवाड़े में नहरों और माइनरों में पानी की रफ्तार बहुत धीमी हो गई है, जिससे किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि जिन नहरों में पानी आ भी रहा है, उसकी रफ्तार इतनी धीमी है कि माइनर और कुलाबों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। कई माइनरों और रजबहों का पानी टेल से पहले ही रुक जा रहा है।
क्या था मंत्री का आदेश?
जलशक्ति मंत्री ने 15 दिसम्बर से नहरों और माइनरों में तेज रफ्तार से पानी छोड़े जाने का ऐलान किया था ताकि पानी किसानों तक आसानी से पहुंच सके। लेकिन अब एक पखवाड़ा बीतने के बाद भी पानी की रफ्तार में कोई खास बदलाव नहीं आया है। 18 दिसम्बर के बाद पानी छोड़ा गया, लेकिन उसकी गति इतनी कम है कि वह खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
किसान परेशान, निजी साधनों से कर रहे सिंचाई
रजबहों में पानी की स्थिति भी खराब है। गदिया से गुजरने वाले रजबहे में पानी का स्तर एक फिट भी नहीं है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। मसौली और आसपास के गांवों के किसान बताते हैं कि वे निजी संसाधनों से सिंचाई करने को मजबूर हैं, क्योंकि सरकारी पानी की रफ्तार बहुत धीमी है।
निर्माण कार्य की वजह से रुकावट
मसौली में रजबहा रहरामऊ की पुलिया पर पक्की निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके कारण वहां पानी नहीं छोड़ा जा सका। इसके चलते आसपास के माइनरों में भी पानी नहीं पहुंच पा रहा है। किसानों का कहना है कि अभी तक मसौली रजबहा पर खुदाई और निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे उनका खेती का काम प्रभावित हो रहा है।
साफ-सफाई की कमी भी बड़ी समस्या
दरियाबाद प्रखंड की शारदा सहायक नहर से जुड़े पीठापुर माइनर में भी सफाई ठीक से नहीं की गई है। कई स्थानों पर घास और झाड़-झंखाड़ की वजह से पानी की रफ्तार धीमी हो गई है, जिससे माइनर में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। वही किसानों का कहना है कि अगर स्थिति में जल्दी सुधार नहीं हुआ, तो उन्हें और भी बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।









