9 करोड़ ठगने वाला बिल्डर बना साधु, महाकुंभ में डुबकी लगाते हुए आया सामने

एक बिल्डर, जिसने 9 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया था वो अब साधु बनकर महाकुंभ में डुबकी लगा रहा, जबकि पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए दिन-रात दबिश दे रही थी।

एक बिल्डर, जिसने 9 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया था वो अब साधु बनकर महाकुंभ में डुबकी लगा रहा, जबकि पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए दिन-रात दबिश दे रही थी। आरोपी बिल्डर प्रखर गर्ग, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही थी, हाल ही में महाकुंभ में साधु बनकर गया और वहां डुबकी लगाते हुए सामने आया।

पुलिस की जमानत के बाद गिरफ्तारी की कोशिशें नाकाम

प्रखर गर्ग पर होटल व्यवसायी द्वारा धोखाधड़ी का आरोप है, और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस कई बार उसकी तलाश कर चुकी थी। हालांकि, जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी, तो वह जमानत लेकर फरार हो गया। कोर्ट में पेश होने के बाद प्रखर गर्ग ने अपनी जमानत ले ली, जिससे पुलिस कार्रवाई में चूक गई।

पुलिस ने की थी कुर्की की नोटिस चस्पा

पुलिस ने प्रखर गर्ग के घर पर कुर्की के नोटिस चस्पा किए थे, जिनका संबंध उसकी संपत्ति से था। उसका घर लंगड़े की चौकी द्वारिकापुरम में स्थित था। इससे पहले, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी प्रखर गर्ग के घर पर छापा मारा था।

वृंदावन कॉरिडोर से जुड़ा विवाद

प्रखर गर्ग का नाम 510 करोड़ रुपये के चंदे के आरोप में भी सामने आया था, जो वृंदावन कॉरिडोर के लिए एकत्रित किया गया था। इसके अलावा, 2023 में होटल व्यवसायी ने धोखाधड़ी के आरोप में हरिपर्वत थाना में शिकायत दर्ज कराई थी।

आरोपी के नामजद लोग

प्रखर गर्ग के खिलाफ केस दर्ज करने वाले होटल व्यवसायी ने उसके साथ-साथ उसकी पत्नी, दीपक कपूरिया, विश्वनाथ प्रताप सिंह, नीतू कुशवाह और अनुज सिंह को भी नामजद किया था।

यह घटना एक बार फिर पुलिस की नाकामी को उजागर करती है, जो बड़े अपराधियों को पकड़ने में विफल रही है।

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