
नई दिल्ली : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा होने की संभावना है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एक विशेष रिपोर्ट में कहा गया है कि अनिश्चित वैश्विक व्यापार माहौल में भारत मजबूत स्थिति में रहेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की अर्थव्यवस्था में कोविड के बाद आई तेजी एक “नीति जनित उछाल” थी, लेकिन दीर्घकालिक संकेत मंदी की ओर इशारा कर रहे हैं। अमेरिकी GDP वृद्धि, निर्यात और खपत में गिरावट देखी जा रही है, वहीं अमेरिका में उच्च मजदूरी नई निवेश योजनाओं को प्रभावित कर सकती है।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण निष्कर्ष
✅ कुल मूल्य संवर्धन घट रहा है।
✅ टोटल फैक्टर प्रोडक्टिविटी (TFP) दर सिकुड़ रही है।
✅ 2011 के बाद से अमेरिका की GDP में शुद्ध बचत सबसे निचले स्तर पर है।
✅ 1951 के बाद यह दूसरी सबसे बड़ी गिरावट है।
✅ अमेरिका का कर्ज अनुपात लगातार बढ़ रहा है।
🔹 SBI रिपोर्ट के अनुसार, यदि संरचनात्मक समायोजन मजबूत होता है, तो अमेरिका की संभावित GDP वृद्धि में सुधार हो सकता है। हालांकि, यह एक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया होगी, जिसमें अल्पकालिक लागतें भी शामिल हैं
🔹 भारत पर प्रभाव:
👉 अमेरिकी टैरिफ नीतियों का भारत पर सीमित प्रभाव पड़ेगा।
👉 भारतीय निर्यात में 3-3.5% की गिरावट की संभावना है, लेकिन इसे अन्य बाजारों में बढ़ोतरी से संतुलित किया जाएगा।
👉 भारत अब डिजिटल ट्रेड, सेवा क्षेत्र और नए आपूर्ति मार्गों पर फोकस कर रहा है।
👉 यूरोप से अमेरिका तक नई सप्लाई चेन रणनीति बनाई जा रही है।
🔹 FTA से मिलेगी मजबूती!
📌 SBI ने कहा कि भारत ने पिछले 5 वर्षों में 13 मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं।
📌 ये समझौते यूएई, ऑस्ट्रेलिया, मॉरीशस समेत कई देशों के साथ हुए हैं।
📌 भारत UK, कनाडा और यूरोपीय संघ (EU) के साथ भी FTA पर बातचीत कर रहा है।
📌 UK के साथ समझौते से 2030 तक 15 बिलियन डॉलर का व्यापार बढ़ सकता है।
📌 डिजिटल अर्थव्यवस्था से 2025 तक भारत की GDP में 1 ट्रिलियन डॉलर का योगदान होने की संभावना है।
🔹 SBI रिपोर्ट में कहा गया कि तकनीकी प्रभुत्व अमेरिका की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है, लेकिन “Deep Seek” जैसी तकनीकी उन्नति इसे चुनौती दे सकती है।









