
नई दिल्ली: संसद को सोमवार को जानकारी देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग (QS-WUR) में शामिल भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों (HEIs) की संख्या दोगुनी हो गई है। 2021 में 27 संस्थान रैंकिंग में थे, जो अब 2026 में बढ़कर 54 हो गए हैं। यह भारत का QS WUR में अब तक का सबसे मजबूत प्रदर्शन है।
पहली बार रैंकिंग में शामिल हुए आठ संस्थान
प्रधान ने कहा, “QS WUR 2026 में 54 भारतीय संस्थान शामिल हैं, जो 2015 में 11 संस्थानों से बढ़कर अब 54 हो गए हैं। इस बार आठ भारतीय संस्थान पहली बार रैंकिंग में शामिल हुए हैं, जो इस संस्करण में किसी भी देश के लिए सबसे अधिक है, चाहे वह G20 हो या वैश्विक स्तर।”
शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सरकार के कदम
मंत्री ने बताया कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं:
- गुणवत्ता वाली आधारभूत संरचना की उपलब्धता
- शोध और नवाचार (Research & Innovation) को मजबूत बनाना
- उद्योग और अकादमिक संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना
इन पहलों के साथ राष्ट्रीय मान्यता बोर्ड (NBA) और राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) द्वारा मजबूत मूल्यांकन और रैंकिंग तंत्र लागू किए गए हैं, जिससे भारतीय HEIs अधिक प्रतिस्पर्धी बने हैं।
नए केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थान और उनका योगदान
प्रधान ने बताया कि 2014 के बाद से उच्च शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए कई केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थान (CHEIs) स्थापित किए गए हैं:
- 16 भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIITs)
- 8 केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUs)
- 8 भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIMs)
- 7 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IITs)
- 2 भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (IISERs)
- 1 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT)
ये संस्थान क्षेत्र में अन्य संस्थानों को अकादमिक नेतृत्व प्रदान करने वाले “pace-setter” संस्थान के रूप में काम करेंगे।
NEP 2020 के तहत अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा
प्रधान ने कहा कि एनसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) स्थापित किया गया है, जो प्राकृतिक विज्ञान, गणितीय विज्ञान, इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्रों में उच्चस्तरीय रणनीतिक दिशा प्रदान करेगा। ANRF के पांच साल के लिए कुल अनुमानित खर्च ₹50,000 करोड़ है।
One Nation One Subscription (ONOS) योजना
सरकार ने नई केंद्रीय योजना ONOS को भी मंजूरी दी है। इसके तहत 6,300 से अधिक केंद्रीय और राज्य प्रबंधित HEIs और अनुसंधान संस्थानों को राष्ट्रीय सदस्यता के माध्यम से शोध पत्रिकाओं तक व्यापक पहुँच दी जाएगी। इस योजना के लिए 2025, 2026 और 2027 के तीन वर्षों के लिए लगभग ₹6,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
इन पहलों से भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों की वैश्विक रैंकिंग में लगातार सुधार हो रहा है और देश की शिक्षा प्रणाली का वैश्विक प्रोफ़ाइल मजबूत हो रही है।









