
लखनऊ: उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2025) इस बार अपनी भव्यता और आकर्षण के लिए चर्चा में है। हॉल नंबर 9 में आयोजित होने वाला ओडीओपी पवेलियन राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, शिल्प और कारीगरी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पेश करेगा। इस पवेलियन में हर जिले की अपनी पहचान उसके सिग्नेचर प्रोडक्ट के माध्यम से दिखाई देगी। कुल 343 स्टॉल्स लगाए जाएंगे, जो न सिर्फ प्रदेश की बल्कि हर जिले की कहानी को बयां करेंगे।
लोकल से ग्लोबल का सपना
भदोही के कालीन अपनी बारीक बुनाई और डिज़ाइन के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। ये कालीन पवेलियन की शोभा बढ़ाएंगे। फिरोजाबाद का ग्लास आर्ट, मुरादाबाद का मेटलवेयर और सहारनपुर की लकड़ी की नक्काशी अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगी। इन उत्पादों से न केवल जिलों की पहचान उभरकर सामने आएगी, बल्कि “लोकल से ग्लोबल” का सपना भी साकार होगा।
ग्लोबल मार्केटप्लेस जैसा अनुभव
ओडीओपी पवेलियन का डिज़ाइन ग्लोबल मार्केटप्लेस जैसा अनुभव देगा। यहां परंपरा, नवाचार और उत्कृष्टता का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। आगंतुकों को उत्पादों की विविधता के साथ-साथ यह समझने का मौका मिलेगा कि ये उत्पाद किस तरह स्थानीय संस्कृति, इतिहास और समाज से जुड़े हैं। इसके अलावा, पवेलियन स्टार्टअप्स, डिज़ाइनर्स और अंतरराष्ट्रीय बायर्स को एक साझा मंच प्रदान करेगा। इससे व्यापारिक सौदे, नेटवर्किंग और भविष्य की साझेदारी के अवसर बढ़ेंगे।
सस्टेनेबिलिटी और इनोवेशन पर जोर
इस वर्ष, पवेलियन में सस्टेनेबिलिटी और इनोवेशन पर विशेष ध्यान दिया गया है। पारंपरिक शिल्प को आधुनिकता के साथ जोड़कर नई संभावनाओं को तलाशा जाएगा। इससे कारीगरों को आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुसार उत्पादन करने में मदद मिलेगी और पर्यावरण के अनुकूल टिकाऊ उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
- मुख्य आकर्षण के स्टॉल्स
- भदोही और मिर्जापुर: कालीन
- फिरोजाबाद: ग्लास आर्ट
- हाथरस: हींग
- हापुड़: हैंडलूम बेडशीट और टेक्सटाइल फर्निशिंग
- गौतमबुद्ध नगर: टेक्सटाइल और ज्वेलरी
- मुरादाबाद: मेटल फर्नीचर
- बरेली और फर्रूखाबाद: जरी जरदोज़ी
- आगरा: लेदर एसेसरीज
- मेरठ: स्पोर्ट्स प्रोडक्ट्स और मसाले
- कन्नौज: इत्र और इसेंशियल ऑयल
- कानपुर देहात: पीई पाइप्स
- वाराणसी: सिल्क और बनारसी साड़ी
- बाराबंकी और बागपत: हैंडलूम
- कानपुर: लेदर प्रोडक्ट्स और सैडलरी गुड्स
- चित्रकूट: लकड़ी के खिलौने
- सीतापुर: हैंडलूम दरी
- बुलंदशहर: खुर्जा पॉटरी और सेरेमिक ज्वेलरी
- गाजियाबाद: इंजीनियरिंग गुड्स
- लखनऊ: हैंडीक्राफ्ट चिकन एंब्रॉयडर्ड गारमेंट्स
- फतेहपुर: आयरन चूल्सा
- एटा: ब्रास आइटम्स जैसे घुंघरू और घंटी
- मैनपुरी और सुल्तानपुर: मूंज क्राफ्ट
- फर्रूखाबाद और झांसी: जरी जरदोज़ी और सॉफ्ट टॉयज
- संत कबीरनगर: होजरी
- जौनपुर: ऊनी दरी
- प्रतापगढ़: आमला प्रोडक्ट्स
- संभल: रेशम आर्ट
- पीलीभीत: वुड प्रोडक्ट
- आजमगढ़: सिल्क साड़ी
- औरैया: देसी घी और मिल्स प्रोडक्ट्स
- अमेठी: मूंज प्रोडक्ट
- कुशीनगर: केला
- अलीगढ़: ताले और मेटल हैंडीक्राफ्ट
- सहारनपुर: वुडेन किचनवेयर
- प्रयागराज: मूंज क्राफ्ट और अचार
- मथुरा: ठाकुर जी की पोशाक









