
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम विशेष संबोधन में ‘GST बचत उत्सव’ की घोषणा की और नई पीढ़ी के GST सुधार पेश किए। ये सुधार पारंपरिक कर नीतियों से आगे बढ़कर व्यवहारिक बदलाव और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाले उपकरण बन गए हैं।
सालाना ₹2.5 लाख करोड़ की बचत
- इन सुधारों के साथ 12 लाख रुपये तक की आय पर आयकर छूट भी लागू की गई है।
- अनुमानित रूप से ये उपाय भारतवासियों को ₹2.5 लाख करोड़ की सालाना बचत दिलाएंगे।
- व्यवहारिक अर्थशास्त्र के सिद्धांतों का उपयोग कर 140 करोड़ नागरिकों को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्रेरित किया जाएगा।
स्वस्थ और सतत विकल्पों की ओर प्रोत्साहन
GST सुधार खपत पैटर्न बदलकर घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देते हैं।
- सभी डेयरी उत्पाद जैसे UHT दूध, पैक किए हुए पनीर/छेना और भारतीय रोटियां (चपाती, पराठा, खाखरा) अब GST से पूरी तरह मुक्त हैं।
- यह कदम नागरिकों को स्वस्थ आहार और पोषण की ओर gently प्रेरित करता है।
- यह दृष्टिकोण ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी सामाजिक सुधार योजनाओं से प्रेरित है।
अस्वास्थ्यकर उत्पादों पर 40% GST
- तंबाकू और शर्करा युक्त पेय पदार्थों पर 40% GST वृद्धि लागू की गई।
- भारतीय सांख्यिकी संस्थान के आंकड़ों के अनुसार, हर 10% कीमत वृद्धि से सिगरेट की खपत में लगभग 6% कमी आती है।
- यह विशेष रूप से युवा और कम आय वाले वर्ग के लिए प्रभावी है।
स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर GST छूट
- स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम को पूरी तरह GST मुक्त किया गया।
- यह नागरिकों को आर्थिक सुरक्षा और दीर्घकालिक स्वास्थ्य निवेश की ओर प्रोत्साहित करता है।









