आर्पिक फार्मा पर ED का शिकंजा, संचालक का पेश न होना और नशीली दवाओं का जाल

यह मामला अब तस्करी सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है, जिसे एसटीएफ (Special Task Force) ने गंभीरता से लिया है। इस सिंडिकेट का संचालन मुख्य रूप से आर्पिक फार्मा द्वारा किया जा रहा था, जिसके जरिए कफ सिरप की अवैध सप्लाई की जा रही थी।

Lucknow: कफ सिरप तस्करी सिंडिकेट मामले पर 17 दिसंबर को बड़ी कार्रवाई सामने आई है। ED के समक्ष आर्पिक फार्मा के संचालक मनोहर लाल जायसवाल पेश नहीं हुए। यह मामला अब तस्करी सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है, जिसे एसटीएफ (Special Task Force) ने गंभीरता से लिया है। इस सिंडिकेट का संचालन मुख्य रूप से आर्पिक फार्मा द्वारा किया जा रहा था, जिसके जरिए कफ सिरप की अवैध सप्लाई की जा रही थी।

आपको बता दें कि आर्पिक फार्मा के संचालक मनोहर लाल जायसवाल, शुभम और विकास सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उनके ठिकानों पर दबिश दी है। इन फ़रार आरोपियों के खिलाफ लखनऊ और आजमगढ़ में कई जगहों पर छापेमारी की गई है।

बता दें विकास सिंह नर्वे द्वारा 27 फर्जी फर्मों के माध्यम से कफ सिरप की सप्लाई की जा रही थी, जिसे एसटीएफ ने ट्रैक किया और जांच शुरू कर दी है।

इस सिंडिकेट के मामले में शुभम, विकास और मनोहर लाल की गिरफ्तारी की प्रक्रिया तेजी से जारी है। आगामी दिनों में इस मामले में और खुलासे की उम्मीद है, जिससे तस्करी के नेटवर्क को और बेनकाब किया जा सके।

Related Articles

Back to top button