
Uttar-Pradesh: बरेली के हाफिजगंज थाना क्षेत्र स्थित ओसवाल चीनी मिल पर किसानों का करोड़ो रूपये का पेमेंट फसा हुआ है। जिस पर सरकार ने नया रुख अपनाते हुए किसानों के फसे पेमेंट को दिलाने के लिए चीनी मिल की निलामी लगा दी।
आपको बता दें कि, ओसवाल चीनी मिल की निलामी की प्रक्रिया 29 दिसंबर को शुरू होगी। यह चीनी मिल 642 बीघा में फैली हुई है, और इसकी पहली बोली 165 करोड़ रूपये से शुरू होगी। जिला प्रशासन ने निलामी की प्रक्रिया को लेकर आवश्यक कदम उठाए हैं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसानों को उनका बकाया भुगतान मिलने में मदद मिल सके।
ओसवाल शुगर मिल पर किसानों के 70 करोड़ रुपये का बकाया है, जो अब तक चुकता नहीं किया गया है। यह बकाया मिल के संचालन से जुड़ा हुआ है, और किसानों ने इसे लेकर कई बार प्रशासन से गुहार भी लगाई थी।
मिल की नीलामी का आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब इस क्षेत्र के किसान लंबे समय से अपने बकाए को लेकर परेशान हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि इस प्रक्रिया के माध्यम से मिल के बकाए का भुगतान किसानों को किया जाएगा और ओसवाल शुगर मिल का संचालन फिर से प्रभावी तरीके से किया जाएगा।
नेशनल बैंक और अन्य वित्तीय संस्थाएं भी इस नीलामी में भाग लेने की संभावना को लेकर उत्साहित हैं, क्योंकि यह मिल उत्तर प्रदेश के प्रमुख चीनी मिलों में से एक रही है।
नीलामी की प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल रूप से आयोजित की जाएगी, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचा जा सके और सभी इच्छुक खरीदारों को समान अवसर मिल सके।
इस नीलामी में भाग लेने वाले सभी इच्छुक खरीदारों को 29 दिसंबर को निर्धारित स्थान पर उपस्थिति दर्ज करनी होगी।









