रूस की शानदार मौजूदगी विंग्स इंडिया 2026 में, भारत में सिविल एविएशन को नया आयाम देने के लिए तैयार

नई दिल्ली : रूस एशिया की सबसे बड़ी सिविल एविएशन प्रदर्शनी, विंग्स इंडिया 2026 में शानदार तरीके से अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए तैयार है। यह इवेंट 28 से 31 जनवरी तक हैदराबाद के बेगमपेट एयरपोर्ट पर आयोजित होगा। रूस इस प्रदर्शनी में अपनी SJ-100 जेट और Il-114-300 टर्बोप्रॉप जैसी नई एविएशन तकनीकों को प्रदर्शित करेगा।

यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (UAC) की अगुआई में रूसी डेलीगेशन, जो मिनिस्ट्री ऑफ़ इंडस्ट्री एंड ट्रेड और रशियन ट्रेड मिशन के सहयोग से भारत में अपनी क्षमता दिखाएगा, इस प्रदर्शनी में SJ-100 और Il-114-300 के डिटेल्ड स्केल मॉडल प्रस्तुत करेगा।

इस इवेंट के दौरान, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) का भी एक महत्वपूर्ण कदम देखने को मिलेगा, जब SJ-100 का मॉडल HAL के पवेलियन में प्रदर्शित होगा। यह एक कदम है ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा देने के लिए, जिसके तहत SJ-100 का भारत में उत्पादन किया जाएगा।

SJ-100, जो कि सुखोई सुपरजेट का एक उन्नत संस्करण है, अब भारतीय बाजार के लिए उपयुक्त बना है। इसमें रूसी इंजन और घरेलू रूसी सिस्टम को शामिल किया गया है।

इस इवेंट में एक और महत्वपूर्ण पहलू है, रशियन मैन्युफैक्चरर्स और भारतीय फ्लेमिंगो एयरोस्पेस के बीच एक कॉन्‍ट्रैक्ट पर साइन होने की संभावना है, जिसमें 6 Il-114-300 टर्बोप्रॉप एयरक्राफ्ट की सप्लाई का मामला शामिल है। अगर यह डील फाइनल होती है, तो यह भारतीय कमर्शियल फ्लीट में रूस के रीजनल प्लेन की बड़ी एंट्री होगी, जो UDAN स्कीम के तहत भारत के विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ने में मदद करेगा।

Il-114-300 को छोटे रनवे और मुश्किल इलाकों में ऑपरेट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, और यह मॉडर्न एवियोनिक्स और रूस में बने इंजन पर आधारित है, जिससे भारतीय एयरलाइंस के लिए यह एक आदर्श विकल्प बनता है।

इस इवेंट के दौरान, एक लाइव फ्लाइट डेमोंस्ट्रेशन भी किया जाएगा, जिससे SJ-100 और Il-114-300 की मैनूवरेबिलिटी और परफॉर्मेंस को दर्शाया जाएगा।

विंग्स इंडिया 2026 में 25 से अधिक देशों के डेलीगेशन आने का अनुमान है, जिसमें मंत्रालय स्तर के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। यह इवेंट भारत-रूस के सिविल एविएशन सहयोग के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है, जो अब सिविल एविएशन मैन्युफैक्चरिंग और कनेक्टिविटी में भी अहम भूमिका निभा रहा है।

भारत के बढ़ते एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और नए रूट्स के लक्ष्य के साथ, एफिशिएंट रीजनल जेट्स और भरोसेमंद टर्बोप्रॉप्स की मांग अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर है।

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