
नई दिल्ली : क्रिसमस के दौरान एक एयर इंडिया पायलट के लिए महंगा पड़ सकता है। 23 दिसंबर, 2025 को वैंकूवर से दिल्ली जा रही फ्लाइट में एक पायलट के शराब पीने के मामले ने हलचल मचा दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वैंकूवर ड्यूटी फ्री में एक स्टाफ ने पायलट को शराब पीते हुए या शराब की बदबू महसूस करते हुए उसे कैनेडियन अधिकारियों को रिपोर्ट किया। इसके बाद पायलट का ब्रेथ एनालाइज़र टेस्ट किया गया, जिसमें वह फेल हो गया और उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया।
यह फ्लाइट, जो बोइंग 777 के जरिए वैंकूवर से दिल्ली जा रही थी, 2 घंटे की देरी से उड़ी। एयर इंडिया ने जल्दी से दूसरा पायलट नियुक्त किया, और फ्लाइट को वियना में लैंड करने के बाद दिल्ली तक पहुंचाने के लिए दूसरे क्रू सेट को नियुक्त किया।
एयर इंडिया का बयान
एयर इंडिया ने एक बयान में कहा, “कनाडाई अधिकारियों ने पायलट की ड्यूटी के लिए फिटनेस पर सवाल उठाए, जिसके बाद उसे पूछताछ के लिए ले जाया गया। इस वजह से फ्लाइट की समयसीमा में देरी हुई। हम अपने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद प्रकट करते हैं और इस मामले में लोकल अधिकारियों के साथ पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं।”
एयर इंडिया ने अपनी ज़ीरो-टॉलरेंस पॉलिसी के तहत इस मामले की गंभीरता को स्वीकार किया है। पायलट को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है और इस मामले की जांच डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) कर रही है। एयरलाइन ने कहा कि जांच के बाद यदि पायलट ने नियमों का उल्लंघन किया, तो उस पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा और नियमों का पालन
इस घटना ने पायलटों के बीच बहस छेड़ दी है, खासकर उन मामलों को लेकर जब शराब का सेवन तो नहीं किया जाता, लेकिन आफ़्टर शेव, माउथ वॉश या परफ़्यूम जैसे उत्पादों से ब्रेथ एनालाइज़र में अल्कोहल के संकेत मिल सकते हैं। एक पायलट ने कहा, “हम उड़ान से कुछ घंटे पहले इन चीज़ों का इस्तेमाल नहीं करते, ताकि हम BA टेस्ट में फेल न हो जाएं।”
फ्लाइट ऑपरेटर की जिम्मेदारी
यह मामला सुरक्षा प्रोटोकॉल की महत्ता को फिर से उजागर करता है, खासकर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में। पायलटों को सुनिश्चित करना होता है कि वे शराब से मुक्त रहते हुए अपनी जिम्मेदारी को सही तरीके से निभाएं।









