
ढाका : खोकन चंद्र दास पर हुए बेरहमी से हमले ने बांग्लादेश में सनसनी मचा दी है। पीड़ित के परिवार ने शुक्रवार को इस हमले की भयावह कहानी साझा की, जिसमें खोकन दास पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई थी। परिवार के मुताबिक, खोकन एक शांतिप्रिय आदमी थे और उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, लेकिन फिर भी उन पर इस प्रकार का हमला किया गया। इस हमले में खोकन चंद्र दास 30 प्रतिशत जल गए हैं और उनका इलाज ढाका के अस्पताल में चल रहा है।
“हमले का मकसद अभी तक स्पष्ट नहीं है”
खोकन की पत्नी सीमा दास ने ANI से बातचीत में बताया कि जब उनके पति घर में घुस रहे थे, तब भीड़ ने उन्हें पकड़ लिया और पेट्रोल डालकर आग लगा दी। वह बेहद शांतिप्रिय व्यक्ति हैं और उनका किसी से कोई झगड़ा नहीं था, इसलिये हमले के पीछे का कारण समझना मुश्किल हो रहा है। सीमा ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि “मेरे पति ने कभी किसी से दुश्मनी नहीं की, और हमलावरों का उद्देश्य अब तक समझ नहीं आया है।”
“हमले के बाद पीड़ित की हालत गंभीर”
पीड़ित की बहन अंजना रानी दास ने हमले की गंभीरता पर बात करते हुए बताया कि खोकन के सिर पर लाठियों से वार किया गया और उसके बाद उन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। उन्होंने बताया कि “हमला रात 8:30 बजे हुआ था। हमलावरों ने उन्हें मारा और फिर आग लगाने से पहले पेट्रोल डाल दिया। खोकन ने मदद के लिए चीखा और पानी में कूदने की कोशिश की, लेकिन वह जलते रहे।”
परिवार और रिश्तेदारों की अपील: अपराधियों को सज़ा मिले
खोकन दास के भतीजे सौरभ दास ने ANI से कहा कि जैसे ही उन्हें हमले की सूचना मिली, वह तुरंत अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा, “मेरे चाचा का चेहरा और हाथ जल गए थे और उनकी हालत बहुत गंभीर थी। पुलिस मौके पर पहुंची है और मामले की जांच कर रही है।” वहीं, पीड़ित के एक और भतीजे प्रांतो दास ने हमले की गहरी जांच की मांग की और कहा, “हम चाहते हैं कि इस हमले की पूरी जांच हो और अपराधियों को सख्त सजा मिले।”
“मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए”
खोकन चंद्र दास के परिवार ने सरकार और पुलिस से इस मामले की पूरी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि खोकन की कभी किसी से दुश्मनी नहीं थी और इस प्रकार की घटना को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। परिवार ने यह भी कहा कि इस मामले में न्याय मिलना चाहिए और अपराधियों को सख्त सजा दी जानी चाहिए ताकि ऐसे हमले दोबारा न हों।
यह घटना शरियतपुर जिले के दामुद्या स्थित कनेश्वर यूनियन के केउरभंगा बाजार के पास बुधवार रात 8:30 बजे हुई। बाद में खोकन को बचाकर शरियतपुर सदर हॉस्पिटल ले जाया गया और फिर ढाका भेजा गया जहां उनका इलाज चल रहा है।









