इंदौर में दूषित पानी से मौतों पर उमा भारती का तीखा हमला, सरकार को अपराधी ठहराया

इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद मध्य प्रदेश सरकार विपक्षी दलों के निशाने पर है। इस मुद्दे पर अब अपनी ही पार्टी की वरिष्ठ नेता और ...

इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद मध्य प्रदेश सरकार विपक्षी दलों के निशाने पर है। इस मुद्दे पर अब अपनी ही पार्टी की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी हमला बोल दिया है। उमा भारती ने न केवल इंदौर के मेयर को बल्कि मध्य प्रदेश सरकार को भी अपराधी ठहराया है। उनका कहना है कि इस पूरी घटना के लिए प्रदेश सरकार और प्रशासन जिम्मेदार हैं।

सरकार और प्रशासन को अपराध के कटघरे में खड़ा किया
उमा भारती ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर दो पोस्ट किए और इन पोस्टों में उन्होंने सरकार की नाकामी पर सवाल उठाए। उन्होंने इंदौर की घटना पर मुआवजे को नाकाफी बताते हुए माफी की मांग की और फिर सीधे तौर पर प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, “सिर्फ इंदौर के मेयर नहीं, मध्य प्रदेश का शासन एवं प्रशासन, इस महापाप के सभी जिम्मेदार लोग जनता के प्रति अपराध के कटघरे में खड़े हैं।”

आंख की सर्जरी के बाद उमा भारती की प्रतिक्रिया
उमा भारती ने पत्रकारों से मुलाकात करते हुए कहा कि आंख की सर्जरी के बाद वह 7 दिन तक सार्वजनिक रूप से किसी से मुलाकात नहीं कर सकेंगी और इस कारण से वह फिलहाल बाहर नहीं निकल पाएंगी। हालांकि, उन्होंने मुआवजे और सरकार की कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस घटना ने प्रदेश और सरकार को शर्मिंदा किया है।

‘पाप का प्रायश्चित होना चाहिए’
उमा भारती ने इंदौर में घटित घटना को “पाप” बताते हुए कहा कि इस पर स्पष्टीकरण नहीं हो सकता, बल्कि इसके लिए प्रायश्चित या दंड दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह पापों का कोई स्पष्टीकरण नहीं होता, या तो प्रायश्चित या दंड!” इसके साथ ही उमा भारती ने यह भी कहा कि इंदौर की घटना ने प्रदेश सरकार को शर्मिंदा कर दिया है। उन्होंने मुआवजे की रकम को नाकाफी बताते हुए कहा, “मौत की कीमत दो लाख रुपए नहीं हो सकती क्योंकि उनके परिजन जिंदगीभर दुख में डूबे रहते हैं।”

मुआवजे की मांग और सख्त दंड की चेतावनी
उमा भारती ने प्रदेश सरकार से मुआवजे की मांग करते हुए कहा कि यह घटना प्रदेश की स्वच्छता की छवि को खराब कर रही है। उन्होंने कहा, “यह मोहन यादव जी की परीक्षा की घड़ी है, उन्हें पीड़ितों से माफी मांगनी होगी और दोषियों को सख्त से सख्त दंड देना होगा।”

Related Articles

Back to top button