RTO / ARTO NEWS: इतने नए RTO और ARTO की हुई तैनाती, ओवरलोडिंग वसूली की जांच तेज़

यह बदलाव खासतौर पर उस समय हुआ है जब एसटीएफ द्वारा लखनऊ, फतेहपुर और रायबरेली में ओवरलोडिंग वाहनों से वसूली के मामलों में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

RTO / ARTO NEWS: उत्तर प्रदेश के परिवहन विभाग में हाल ही में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। आलोक कुमार यादव को लखनऊ के सहायक संभागीय अधिकारी (एआरटीओ, प्रवर्तन) पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही प्रदेशभर में तीन आरटीओ और 18 एआरटीओ को नई तैनाती दी गई है। यह निर्णय शनिवार को विशेष सचिव खेमपाल सिंह की ओर से जारी आदेशों के तहत लिया गया।

यह बदलाव खासतौर पर उस समय हुआ है जब एसटीएफ द्वारा लखनऊ, फतेहपुर और रायबरेली में ओवरलोडिंग वाहनों से वसूली के मामलों में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इस कार्रवाई के दौरान लखनऊ के एआरटीओ समेत तीन अन्य अधिकारियों को निलंबित किया गया था, जिससे वाहनों की जांच प्रभावित हो रही थी। नए एआरटीओ प्रवर्तन की तैनाती से लखनऊ में वाहनों की जांच फिर से तेज़ी से शुरू हो सकेगी।

आलोक कुमार यादव के अलावा, प्रदेशभर में कई अन्य अधिकारियों को तैनाती दी गई है। चंपा लाल को सिद्धार्थनगर, अशोक कुमार श्रीवास्तव को गाजियाबाद, कौशल कुमार सिंह को सोनभद्र, मानवेंद्र प्रताप सिंह को सहारनपुर, विनय कुमार सिंह को आगरा, कृष्ण कुमार यादव को फर्रुखाबाद का एआरटीओ प्रशासन बनाया गया है। इसके साथ ही हरिओम को बदायूं, वैभव सोती को बरेली, सतेंद्र कुमार यादव को मथुरा, विंध्याचल कुमार गुप्ता को कानपुर, उमेश चंद्र कटियार को रायबरेली, गुलाब चंद्र को अयोध्या, विपिन कुमार को बागपत, हरिओम को शाहजहांपुर, प्रतीक मिश्र को फतेहपुर, नीतू शमां को बुलंदशहर का एआरटीओ प्रवर्तन बनाया गया है। देवदत्त कुमार को मेरठ का एआरटीओ प्राविधिक बनाया गया है।

इसके अलावा, तीन नए आरटीओ को तैनाती दी गई है। राघवेंद्र सिंह को वाराणसी, मनोज कुमार सिंह को सहारनपुर और अम्बरीश कुमार को मेरठ का आरटीओ प्रवर्तन नियुक्त किया गया है।

ओवरलोडिंग से वसूली की जांच शुरू, विभागीय अधिकारी भी रडार पर

ओवरलोडिंग वाहनों से वसूली के मामले में एसटीएफ की कार्रवाई के बाद अब परिवहन विभाग ने भी अपनी विभागीय जांच शुरू कर दी है। विभागीय जांच के तहत कुछ पुराने अधिकारियों के कार्यकाल की भी जांच की जा रही है, जो इस रैकेट में शामिल थे। एसटीएफ की कार्रवाई और विभागीय जांच में पुरानी व्यवस्था के सिंडिकेट से जुड़े अफसर भी रडार पर हैं। आरोप है कि सिपाही से लेकर आला अधिकारी तक इस वसूली के खेल में शामिल थे।

उप्र ऑटो लोडर संयुक्त कल्याण समिति ने भी इस वसूली के मामलों में अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे और पुराने अधिकारियों के कार्यकाल की जांच की मांग की थी। परिवहन मंत्री से मुलाकात कर इस मुद्दे पर ज्ञापन भी सौंपा गया था।

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