
न्यूयॉर्क में इमिग्रेशन कस्टम्स एंड एन्फोर्समेंट (ICE) के खिलाफ हाल ही में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। यह प्रदर्शन न्यूयॉर्क के लोअर मैनहैटन और आसपास के कई इलाकों में देखा गया, जहां सैकड़ों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे और ICE की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाई। प्रदर्शनकारियों ने ICE पर गंभीर आरोप लगाए, जिसमें मानवाधिकारों का उल्लंघन और अत्यधिक बल प्रयोग शामिल है।
बता दें, यह विरोध प्रदर्शन हाल की घटनाओं के बाद और भी तेज़ हुआ है, जब ICE ने कथित रूप से कई नागरिकों को अवैध तरीके से हिरासत में लिया और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ICE अप्रवासियों को उनके अधिकारों से वंचित कर रहा है और उन्हें अवैध रूप से हिरासत में लेकर उनका शोषण कर रहा है। उनका कहना है कि एजेंसी का रवैया न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन करता है, बल्कि यह संविधान का भी उल्लंघन है।
वहीं, प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को स्पष्ट करते हुए कहा कि ICE की नीतियों को तत्काल प्रभाव से बदलना चाहिए, और यह एजेंसी को अप्रवासियों के अधिकारों का सम्मान करना चाहिए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिन लोगों को बिना किसी ठोस आरोप के हिरासत में लिया गया है, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए, और उनका भविष्य सुरक्षित किया जाना चाहिए। विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों ने यह भी कहा कि इस विरोध के ज़रिए वह उन परिवारों की आवाज बनना चाहते हैं, जो ICE द्वारा किए गए अत्याचारों का शिकार हुए हैं।
बता दें, पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। हालांकि, इस प्रदर्शन में कोई हिंसा की घटना सामने नहीं आई है और यह शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है। न्यूयॉर्क पुलिस विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वे स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं और किसी भी असामाजिक तत्व को प्रदर्शन में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं देंगे।
इसी बीच, ICE के प्रवक्ता ने इस प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एजेंसी अपने कर्तव्यों का पालन पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया से कर रही हैं, और मानवाधिकारों का उल्लंघन नहीं करती है। उन्होंने कहा कि ICE का उद्देश्य केवल अमेरिका में अवैध रूप से रहने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना है और यह किसी भी नागरिक के अधिकारों का उल्लंघन नहीं करता। हालांकि, इस बयान के बाद भी प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है और उनका विरोध जारी है।
बता दें, अमेरिका के विभिन्न शहरों में पहले भी ICE के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं, लेकिन न्यूयॉर्क में यह विरोध विशेष रूप से बड़े पैमाने पर हुआ है। यह घटना यह दर्शाती है कि अमेरिकी समाज में ICE के खिलाफ नाराजगी बढ़ रही है, ऐसे प्रदर्शनों का उद्देश्य सिर्फ ICE के खिलाफ नहीं, बल्कि अमेरिका में अप्रवासियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए भी आवाज उठाना है।
बता दें, न्यूयॉर्क के इस विरोध प्रदर्शन ने देशभर में इमिग्रेशन नीतियों पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं, और यह मुद्दा अब और भी गरमाने की संभावना है। आगामी दिनों में ऐसे और विरोध प्रदर्शन देखने को मिल सकते हैं, जिससे सरकार और संबंधित एजेंसियों के सामने कठोर निर्णय लेने का दबाव बढ़ सकता है।









