
नई दिल्ली: 6 जनवरी 2023 को नेटफ्लिक्स को भारत में अपनी शुरुआत के दस साल पूरे हो गए। इस मौके पर कंपनी ने भारत को अपनी दुधारू गाय करार दिया, क्योंकि यह अमेरिका के बाद कंपनी का सबसे बड़ा बाजार बन चुका है। पिछले पांच सालों में नेटफ्लिक्स का मुनाफा 20 लाख रुपये से बढ़कर 85 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। इस सफलता का मुख्य कारण कंपनी का कंटेंट और रणनीति है, जिसमें दो प्रमुख महिलाएं – बेला बजारिया और मोनिका शेरगिल का अहम योगदान है।
बेला बजारिया: ‘क्वीन ऑफ स्ट्रीमिंग’
नेटफ्लिक्स की सीसीओ (चीफ कंटेंट ऑफिसर) बेला बजारिया का कंटेंट स्ट्रेटेजी में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पूर्व मिस इंडिया यूएसए और मिस इंडिया वर्ल्डवाइड (1991) बेला 2016 से नेटफ्लिक्स के साथ जुड़ी हैं और जनवरी 2023 से सीसीओ का पद संभाल रही हैं। वह दुनिया भर में 190 देशों में नेटफ्लिक्स के कंटेंट की योजना और विकास की जिम्मेदारी संभालती हैं। हर साल 1.5 लाख करोड़ रुपये के बजट के साथ वह 50 भाषाओं में 190 देशों में कंटेंट तैयार करती हैं। फॉर्च्यून मैगजीन ने उन्हें ‘क्वीन ऑफ स्ट्रीमिंग’ कहा था।
बेला का जन्म लंदन में हुआ, लेकिन उनका परिवार भारतीय मूल का है। 1979 में जब वह 9 साल की थीं, उनके माता-पिता जाम्बिया से लॉस एंजिल्स आ गए थे। इस बीच बेला ने CBS में असिस्टेंट के तौर पर काम करना शुरू किया। फिर उन्होंने यूनिवर्सल टेलीविजन में प्रेसिडेंट के तौर पर अपनी पहचान बनाई और टाइम मैगजीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में भी नाम आया।
मोनिका शेरगिल: भारत में नेटफ्लिक्स की कंटेंट प्रमुख
मोनिका शेरगिल नेटफ्लिक्स इंडिया की वाइस प्रेसिडेंट (कंटेंट) हैं और पिछले सात वर्षों से कंपनी के साथ जुड़ी हैं। दिल्ली के मिरांडा हाउस से पढ़ाई करने वाली मोनिका, भारत में नेटफ्लिक्स की कंटेंट लाइब्रेरी (फिल्म, सीरीज और अनस्क्रिप्टेड शो) को देखती हैं। वह बेला बजारिया के दिशा-निर्देशों में काम करती हैं और भारत के लिए नेटफ्लिक्स का कंटेंट तैयार करती हैं।
भारत में नेटफ्लिक्स की सफलता
नेटफ्लिक्स की भारत में सफलता का प्रमुख कारण इसके कंटेंट में विविधता और लोकल कंटेंट है। कंपनी ने भारतीय दर्शकों के लिए लोकल फॉर ग्लोबल की रणनीति अपनाई है, जिसका उद्देश्य भारतीय दर्शकों को स्थानीय कथाओं के माध्यम से वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करना है। नेटफ्लिक्स ने भारत में 2016 में अपनी सेवा शुरू की थी, और इसके बाद इसके ग्राहकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई। वर्तमान में भारत में नेटफ्लिक्स के दो करोड़ के करीब सब्सक्राइबर्स हैं।
भारत में अपार संभावनाएं
प्राइसवॉटरहाउसकूपर्स (PwC) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का ओटीटी बाजार 2024 में 2.3 अरब डॉलर का होगा और 2029 तक बढ़कर 3.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। नेटफ्लिक्स के पास अभी भी इस बाजार में अपार संभावनाएं हैं, और कंपनी एसवीओडी (SVOD) और एवीओडी (AVOD) दोनों प्रकार के वीडियो से revenue अर्जित करती है।
नेटफ्लिक्स की सफलता का राज
नेटफ्लिक्स के सीईओ टेड सारंडोस ने अपनी कंपनी के सफलता का राज बताते हुए कहा है, “शानदार कहानियां दिखाइए और बढ़िया कमाई कीजिए।” यही वजह है कि बेला और मोनिका के नेतृत्व में नेटफ्लिक्स ने न सिर्फ भारत में अपनी पोजीशन मजबूत की है, बल्कि दुनिया भर में अपनी पकड़ बनाई है।
नेटफ्लिक्स की पृष्ठभूमि
नेटफ्लिक्स की शुरुआत 1997 में हुई थी, जब रीड हेस्टिंग्स और मार्क रैंडोल्फ ने कैलिफोर्निया में इसे किराए पर डीवीडी देने वाली कंपनी के तौर पर शुरू किया था। 2007 में नेटफ्लिक्स ने अपनी ‘Watch Instantly’ सेवा शुरू की, जिससे लोग कंप्यूटर पर फिल्में देख सकते थे। इसके बाद नेटफ्लिक्स ने खुद को बदलते समय के साथ ढाला और 2013 में अपनी ओरिजिनल कंटेंट सेवा शुरू की।
नेटफ्लिक्स की रणनीति
नेटफ्लिक्स का एक प्रमुख सिद्धांत कस्टमर को मुफ्त में कुछ नहीं देना है और ग्राहक संख्या बढ़ाने के बजाय बेहतर कंटेंट पर फोकस किया है। इसके बाद कंपनी ने भारत में अपनी सेवा को कम कीमत वाले प्लान के साथ लॉन्च किया, और ग्राहकों की संख्या में जबरदस्त वृद्धि हुई।









