
Vindhya Expressway: प्रदेश सरकार ने विंध्य एक्सप्रेसवे के मामले में बड़ा फैसला लिया है. दरअसल, सरकार ने विंध्य एक्सप्रेसवे के सर्वे की जिम्मेदारी चेन्नई स्थित अलमोंडज कंपनी को सौंप दी है. इसी के साथ कंपनी ने सर्वे काम शुरू कर दिया है…
जानकारी के लिए बता दें कि करीब 330 किलोमीटर लंबा ये एक्सप्रेसवे प्रयागराज तक जाएगा और बनारस, चंदौली होते हुए सोनभद्र को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा. सर्वे पूरा होने के बाद इसी महीने इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) शासन को सौंप दी जाएगी.माना जा रहा है कि 2027 से पहले इस पर काम शुरू हो जाएगा.
इस एक्सप्रेसवे से प्रदेश के अंतिम छोर पर स्थित सोनभद्र से अन्य शहरों और राज्यों तक आवागमन शुरु हो जाएगा… अलमोंडज कंपनी की टीम पिछले तीन दिनों से म्योरपुर क्षेत्र में सर्वे कर रही है. पता चला है कि शुक्रवार को कंपनी के जूनियर सर्वेयर नितेश यादव और अरविंद कुमार ने रनटोला के जंगलों से होते हुए अंतिम छोर तक सर्वे किया.हर 20 किलोमीटर पर सेटेलाइट कनेक्टिंग डिवाइस लगाकर 330 किलोमीटर के रूट का सर्वे एक साथ पूरा किया गया.
विंध्य एक्सप्रेसवे वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग के समानांतर बनेगा. रनटोला और मुर्धवा के जंगलों से होते हुए यह एक्सप्रेसवे दुद्धी-हाथीनाला मार्ग को क्रॉस करेगा और सीधे हरदी कोटा के कोन मार्ग पर जाएगा. सोन नदी पर नया पुल बनने के बाद इसे नगवां के पल्हारी होते हुए चंदौली के रास्ते वाराणसी से जोड़ा जाएगा. इस एक्सप्रेसवे के बनने से यात्रा और कनेक्टिविटी दोनों सुगम होंगी. इसी के साथ में सर्वे के बाद डीपीआर तैयार होगी, जिसमें कुल लागत और खर्च को डिटेल में बताया जाएगा.









