चीन या अमेरिका छोड़ आखिर बांग्लादेश से फाइटर जेट क्यों खरीद रहा पकिस्तान, जानें इसके पीछे का कारण ?

पाकिस्तान ने 2026 की शुरुआत में अपनी रक्षा निर्यात योजनाओं में बड़ी सफलता हासिल की है। पाकिस्तान सेना ने पुष्टि की है कि बांग्लादेश को JF-17 थंडर फाइटर जेट बेचने का सौदा लगभग पूरा हो चुका है। अब सवाल यह उठता है कि बांग्लादेश पाकिस्तान से यह फाइटर जेट क्यों खरीद रहा है, जबकि चीन और अमेरिका जैसे विकल्प उपलब्ध हैं।

JF-17 थंडर एक संयुक्त रूप से विकसित फाइटर एयरक्राफ्ट है, जिसे पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स और चीन ने मिलकर डिजाइन किया है। यह प्रोजेक्ट 1990 के दशक में शुरू हुआ था और इसका उत्पादन पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के कामरा में 2000 के दशक की शुरुआत में शुरू हुआ। विमान का लगभग 58% हिस्सा पाकिस्तान में और 42% चीन में बनाया जाता है, जबकि फाइनल असेंबली पाकिस्तान में होती है।

बांग्लादेश को अपने वायुसेना के बेड़े के आधुनिकीकरण की सख्त जरूरत है, क्योंकि उनका वर्तमान बेड़ा मुख्य रूप से चीनी F-7 और सीमित संख्या में रूसी MIG-29 विमानों पर निर्भर है। बांग्लादेश को एक आधुनिक, किफायती विकल्प की तलाश थी। JF-17 की कीमत अन्य अमेरिकी या यूरोपीय जेट्स के मुकाबले कहीं कम है, जिससे यह लागत के लिहाज से बेहतर साबित हो रहा है।

JF-17 की अतिरिक्त विशेषता यह है कि इसमें चीनी एवियोनिक्स, इंजन और हथियारों का इस्तेमाल होता है, जो बांग्लादेश के मौजूदा सिस्टम के साथ पूरी तरह से तालमेल बैठाता है। इस वजह से, बांग्लादेश के लिए यह विमान एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

इसके अलावा, बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक रिश्ते सुधरे हैं, जिससे रक्षा सहयोग के माध्यम से ठंडे पड़े संबंधों को फिर से मजबूत करने का एक अवसर उत्पन्न हुआ है। इस डील से क्षेत्रीय राजनीतिक संदेश भी जाता है, और अमेरिकी जेट खरीदने में महंगी कीमतों और राजनीतिक शर्तों से बचने की भी संभावना है।

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