
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में विकासकार्यों को रफ्तार देने के बुलडोजर की कार्रवाई शुरू हो गई है। तमाम विरोध के बीच पूर्वांचल के सबसे बड़े घरेलू समानों की मंडी दालमंडी में बुलडोजर से मकान को ध्वस्त किया गया। दालमंडी के मार्ग को करीब 17 मीटर चौड़ा किया जाना है और इस चौड़ीकरण की जद में करीब 180 मकान के साथ 6 मस्जिदों को तोड़ा जाना है। सोमवार को इस चौड़ीकरण के लिए बुलडोजर की एंट्री के साथ बुलडोजर से ध्वस्तीकरण किया गया। इस दौरान कई थानों की पुलिस के साथ पैरामिलेट्री फोर्स की तैनाती की गई। दालमंडी जाने वाली सड़क के दोनों तरफ बैरिकेटिंग कर पीडब्ल्यूडी की टीम ने ध्वस्तीकरण शुरू किया। इस दौरान कुछ लोगों ने विरोध भी किया, जिसे पुलिस के अधिकारियों ने शांत करवाया।


बुलडोजर एक्शन से दालमंडी के दुकानदारों में हड़कंप, दुकान बंद कर जताया विरोध…
दालमंडी के इतिहास में पहली बार बुलडोजर की कार्रवाई की गई। इससे पहले कभी भी दालमंडी के अंदर ना तो किसी अवैध निर्माण और ना ही अवैध कब्जे के लिए बुलडोजर एक्शन देखने को मिला। यह पहला मौका है जब भारी पुलिस फोर्स के बीच दालमंडी के अंदर बुलडोजर की एंट्री के साथ ध्वस्तीकरण का कार्य किया गया। बुलडोजर से ध्वस्तीकरण को लेकर दालमंडी के दुकानदारों में हड़कंप मच गया। उन्हें उम्मीद नहीं थी कि प्रशासन की टीम बुलडोजर एक्शन करेगा, लेकिन प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर दुकानदारों ने अपनी दुकान को बंद कर विरोध व्यक्त किया।


दालमंडी की तंग गली में पहुंचा बुलडोजर, मस्जिद तोड़ने के विरोध में अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी…
गलियों के शहर बनारस के सबसे मशहूर दालमंडी की गली को चौड़ीकरण के लिए बुलडोजर गलियों तक जा पहुंचा है। पहले बुलडोजर से नई सड़क किनारे दालमंडी के पहले मकान को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई। वही अब गलियों के अंदर मकानों पर भी बुलडोजर की कार्रवाई शुरू हो गई है। बुलडोजर एक्शन को लेकर अंजुमन इंतजामिया कमेटी के ज्वाइंट सेकेट्री ने दालमंडी के मार्ग चौड़ीकरण प्रोजेक्ट का शुरू से ही विरोध करते आ रहे है, अब उन्होंने बुलडोजर की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर दिया है। अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के ज्वाइंट एम. एस. यासीन ने दावा किया कि दालमंडी के लोगों को धमका कर और डरा कर उनके मकान को प्रशासन खाली करवा कर ध्वस्त कर रही है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि दालमंडी के किसी भी मस्जिद को ध्वस्त नहीं करने दिया जाएगा। यदि किसी प्रकार का दबाव और जोर जबरदस्ती होती है, तो वह कानूनी तौर पर कोर्ट का रुख कर इसका विरोध करेंगे।









