
Delhi: हाईकोर्ट ने सोमवार को जाने-माने उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अंबानी को बड़ी राहत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) के बैंक खाते को धोखाधड़ी से संबंधित घोषित करने की कार्यवाही पर रोक लगाने की याचिका को खारिज कर दिया।
बता दें, न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड के निदेशक जय अनमोल अंबानी को 10 दिनों के भीतर बैंक के समक्ष अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है। पीठ ने स्पष्ट किया कि उसके बाद बैंक द्वारा लिए गए किसी भी निर्णय का प्रभाव अदालत के आदेश पर आधारित होगा।
वहीं, पीठ ने बैंक को आदेश दिया है कि वह एक स्पष्ट आदेश जारी करे और उसे अदालत में प्रस्तुत करे। वहीं, जय अनमोल अंबानी को कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए कहा गया। पीठ ने कहा कि वह इस नोटिस पर कोई रोक नहीं लगाएगी। मामले की सुनवाई 27 फरवरी 2026 के लिए तय की गई है।
बता दें, जय अनमोल अंबानी के वकील ने दलील दी कि 22 दिसंबर 2025 को जारी किया गया कारण बताओ नोटिस त्रुटिपूर्ण था और उन्होंने यह कहा कि क्योंकि आरएचएफएल के लिए समाधान योजना पहले ही सभी ऋणदाता बैंकों और सुप्रीम कोर्ट द्वारा मंजूर की जा चुकी है, इसलिए धोखाधड़ी के आरोप नहीं बनते। उन्होंने यह भी दावा किया कि बैंक के पास 2020 से संबंधित जानकारी मौजूद थी, फिर भी पांच साल बाद नोटिस जारी करना कानून के खिलाफ है।
वहीं, बैंक के वकील ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि कारण बताओ नोटिस जारी करते समय अदालत का अधिकार क्षेत्र सीमित था। इस पर न्यायमूर्ति ने पूछा कि दिवाला कानून के तहत समाधान योजना की मंजूरी के बाद यह नोटिस क्यों जारी किया गया। पीठ ने इस मामले में याचिकाकर्ता की आपत्तियों पर विचार करने की बात भी कही।









