
लखनऊ: केजीएमयू (किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी) में कार्यरत डॉक्टर रमीज पर यौन शोषण और धर्मांतरण के प्रयासों का गंभीर आरोप लगा है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, रमीज ने काजी और मौलानाओं के साथ मिलकर धर्मांतरण का नेटवर्क तैयार किया था। उसने अपनी एक महिला डॉक्टर से धर्मांतरण कराकर शादी की और अन्य हिंदू महिलाओं को भी अपना निशाना बनाया। रमीज के खिलाफ पुलिस द्वारा मामला दर्ज किया गया था, लेकिन गिरफ्तारी के बाद से वह फरार हो गया था।
पुलिस और एजेंसियों की तफ्तीश में यह खुलासा हुआ है कि रमीज ने अपने एक जूनियर डॉक्टर को भी धर्मांतरण की कोशिश करने के लिए तैयार किया था। इसके निशाने पर दो हिंदू लड़कियां थीं। जांच में यह भी पता चला कि रमीज ने आगरा के एसएनएमसी कॉलेज में एमबीबीएस के दौरान धर्मांतरण गिरोह की नींव डाली थी। बाद में, बस्ती मेडिकल कॉलेज और केजीएमयू में भी उसने अपना नेटवर्क फैलाया।
रमीज के बैंक खातों से लाखों रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ है। उसकी फरारी के दौरान करीब पांच से सात लाख रुपये का लेन-देन हुआ था, जिसे अब एजेंसियां जांच रही हैं। इसके अलावा, रमीज और उसके गिरोह के अन्य सदस्यों के बैंक खातों की भी जांच चल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनकी फंडिंग कहां से हो रही थी और यह फंडिंग विदेशी तो नहीं थी।
पुलिस ने डॉक्टर रमीज के खिलाफ 23 दिसंबर को विभिन्न आरोपों के तहत मामला दर्ज किया था, जिसमें शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, गर्भपात कराने और धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धाराएं शामिल हैं। फिलहाल पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।









