इजरायल में गुरुवार को बड़ा भूकंप आया. जिसका केंद्र डिमोना शहर के पास था…इजरायल में जो भूकंप आया वो दक्षिणी नेगेव रेगिस्तान में रहा. कहा जाता है कि ये इलाका गोपनीय न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर, शिमोन पेरेस नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर का घर है. भूकंप के कारण सायरन बजने लगे, जिससे लोग घबराए और सोशल मीडिया पर न्यूक्लियर टेस्ट की अफवाहें फैल गईं.
बता दें कि भूकंप की तीव्रता 4.2 रिक्टर स्केल थी और इसकी गहराई 10 किलोमीटर (शैलो) थी. भूकंप का केंद्र डिमोना से करीब 19 किलोमीटर दूर डेड सी रिफ्ट वैली में था. इस झटके का प्रभाव नेगेव, डेड सी क्षेत्र, बेयरशेबा और यरूशलेम के कुछ हिस्सों तक महसूस किया गया. हालांकि, भूकंप में कोई गंभीर नुकसान या चोटें नहीं आईं. कुछ लोगों ने कहा कि झटका 1-2 सेकंड तक महसूस हुआ, लेकिन किसी प्रकार का बड़ा नुकसान नहीं हुआ.
बता दें कि इजरायल में डेड सी रिफ्ट वैली में भूकंप सामान्य हैं क्योंकि यह टेक्टॉनिक प्लेट्स का जोन है, लेकिन इस बार का भूकंप समय और स्थान के हिसाब से चौंकाने वाला था. डिमोना में इजरायल का न्यूक्लियर रिएक्टर होने के कारण, लोग इसे न्यूक्लियर टेस्ट से जोड़ रहे थे.
इसके अलावा ध्यान देने वाली बात ये है कि इजरायल ने कभी भी NPT (Nuclear Non-Proliferation Treaty) में शामिल नहीं होने के कारण अपनी न्यूक्लियर पॉलिसी को गोपनीय रखा है, और विशेषज्ञों का मानना है कि इजरायल ने 1960 से न्यूक्लियर हथियार विकसित किए हैं. सोशल मीडिया पर लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या इजरायल ने न्यूक्लियर टेस्ट किया है, खासकर जब पूरे देश में स्कूलों का नेशनल इमरजेंसी ड्रिल चल रहा था.









