
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी पहुंचे। वाराणसी में सीएम ने काल भैरव मंदिर और बाबा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन कर वाराणसी में चल रहे विकास कार्यों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। वाराणसी के सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने मणिकर्णिका घाट और दालमंडी में चल रहे विकास कार्यों को लेकर विपक्ष के नेताओं के द्वारा भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।

बता दें, सीएम ने कहा कि वाराणसी में मंदिर तोड़े जाने की बात पूरी तरह विपक्ष के द्वारा सुनियोजित तरीके से फैलाया गया भ्रम है, जैसा उन्होंने बाबा श्री काशी विश्वनाथ धाम के दौरान किया था। जबकि दालमंडी के चौड़ीकरण के दौरान तोड़े जा रहे मकानों और दुकानों का AI वीडियो के जरिए विपक्ष द्वारा भ्रम फैलाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने विपक्ष के इस काम पर निंदा व्यक्त करते हुए चेतावनी भी दिया।

विरासत के साथ हो रहे विकास को बदनाम करने की साजिश बर्दाश्त नहीं, साजिश का होगा पर्दाफाश…
वहीं, वाराणसी में सीएम योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के द्वारा मणिकर्णिका घाट और दालमंडी के चौड़ीकरण को लेकर किए जा रहे दावों को खंडन करते हुए कहा कि वाराणसी में पिछले 11 वर्षों से पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई में विरासत के साथ विकास कार्य किए जा रहे है। विकास के कार्य में बांधा बन रहे नेताओं को यह बर्दास्त नहीं हो रहा है।सीएम ने कहा कि विरासत के साथ हो रहे विकास कार्यों को बदनाम करने की साजिश बर्दास्त नहीं की जाएगी। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि काशी को बदनाम की जो साजिश हो रही है उसका पर्दाफाश होना चाहिए। मैं इसका फोटोग्राफ्स उपलब्ध करवाऊंका कि पहले क्या स्थिति थी, अब क्या है और विकास के बाद कैसा होगा। सीएम ने कहा कि मैं चेतावनी दूंगा कि जो AI से बनाए वीडियो के माध्यम से जनता जनार्दन को गुमराहकर भड़काने का काम कर रहे है। सरकार जनता की भावना को स्वीकार करेगी, लेकिन जो जनभावनाओं को भड़काने वाली होगी उसे भी स्वीकार नहीं करेगी।








