अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर कब्जे के विरोध में 8 देशों पर 10 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया

उन्होंने कहा कि वह स्थिति को शांत करने की कोशिश करेंगे.कून्स ने कोपेनहेगन में कहा,हमें उम्मीद है कि डेनमार्क के लोग अमेरिकी लोगों में अपना विश्वास नहीं खोएंगे.

अमेरिका कबसे इस प्लानिंग में है कि ग्रीनलैंड पर वो कब्जा कर लेंगा…इसके लिए वो कितने तरीके की तरकीब लगा चुका है कि आखिर किस तरीके से वो ग्रीनलैंड पर कब्जा कर सके…अब अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर कब्जे की अपनी योजना का विरोध करने वाले 8 देशों पर 10 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूके, नीदरलैंड्स और फिनलैंड पर यह टैरिफ लागू किया जाएगा. अगर ग्रीनलैंड की खरीदारी डील पूरी नहीं होती है, तो यह टैरिफ बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया जाएगा.

ट्रंप के इस कड़े फैसले के बीच, कांग्रेस के एक द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को डेनमार्क और ग्रीनलैंड को समर्थन देने का आश्वासन दिया. डेलावेयर से डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर क्रिस कून्स ने कहा कि ग्रीनलैंड के बारे में जारी बयानबाजी से डेनमार्क में चिंता का माहौल है और उन्होंने कहा कि वह स्थिति को शांत करने की कोशिश करेंगे.कून्स ने कोपेनहेगन में कहा,हमें उम्मीद है कि डेनमार्क के लोग अमेरिकी लोगों में अपना विश्वास नहीं खोएंगे.

इसके विपरीत, राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए बार-बार यह दावा किया कि चीन और रूस की नजर ग्रीनलैंड पर है, जहां खनिजों के विशाल अप्रयुक्त भंडार मौजूद हैं. व्हाइट हाउस ने भी इस क्षेत्र पर अमेरिकी कब्जे की संभावना से इनकार नहीं किया है. कून्स ने कहा, ग्रीनलैंड को फिलहाल कोई सुरक्षा खतरा नहीं है.

यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नया विवाद बन गया है, और अमेरिका की ग्रीनलैंड पर अपनी स्वामित्व की मांगों ने यूरोपीय देशों के साथ तनाव बढ़ा दिया है.

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