
महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में BJP भले ही सबसे बड़ा दल बनकर क्यों न उभरी हो लेकिन मेयर के पद को लेकर शिवसेना शिंदे गुट के साथ सहमति अभी तक नहीं बना पाई है। चुनावों में महायुति की निर्णायक जीत के एक दिन बाद, मेयर के अहम पद को लेकर बीजेपी और एकनाथ शिंदे के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। BMC चुनाव में बीजेपी को 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी।
शिवसेना शिंदे गुट को 29 सीटें मिली हैं। 227 सीटों वाली बीएमसी में बीजेपी-शिवसेना शिंदे गठबंधन को कुल मिलाकर 118 सीटें मिली हैं। स्पष्ट बहुमत के बावजूद मेयर के पद पर सहमति बनना आसान नहीं दिख रहा। दूसरी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना यूबीटी है।
कांग्रेस के 24 पार्षद जीते हैं। वहीं राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने होटल को जेल बनाने के आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “एकनाथ शिंदे ने होटल को जेल बना दिया है। ताज होटल में चुनाव जीतकर जिन पार्षदों को रखा गया है, उन्हें रिहा किया जाना चाहिए।
उन्हें डर के मारे वहां रखा गया है। कई लोग हमारे संपर्क में हैं। मुंबई में बीजेपी का मेयर कौन चाहता है? यहां तक कि एकनाथ शिंदे भी यह नहीं चाहते।” बीजेपी और शिवसेना शिंदे के बीच तनाव के संकेत शनिवार को उस समय भी मिले जब शिंदे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से बुलाई गई कैबिनेट बैठक में हिस्सा नहीं लिया। इससे पहले भी शिंदे कई बार कैबिनेट बैठकों से दूरी बनाकर फडणवीस सरकार के फैसलों पर अपनी नाराजगी जता चुके हैं।









