
Feroze Gandhi Driving License: रायबरेली में एक दिलचस्प घटना सामने आई है, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को उनके दादा फिरोज गांधी (Feroze Gandhi) का खोया हुआ ड्राइविंग लाइसेंस मिल गया है। यह लाइसेंस 1938 में लंदन (London) में बना था और वर्षों तक एक परिवार द्वारा संभालकर रखा गया था।
1938 में बना था ड्राइविंग लाइसेंस
इस ड्राइविंग लाइसेंस की खास बात यह है कि इसे फिरोज गांधी ने 1938 में लंदन में बनवाया था। यह दस्तावेज दशकों तक गायब था और अब, लंबे समय बाद, राहुल गांधी को यह लाइसेंस वापस मिला है। यह लाइसेंस न केवल परिवार की यादों को ताजगी देता है, बल्कि इस ऐतिहासिक दस्तावेज के मिलने से एक समय की गवाही भी मिलती है, जो फिरोज गांधी के जीवन के महत्वपूर्ण हिस्से को दर्शाती है।
लाइसेंस की तस्वीर सोनिया गांधी को भेजी
लाइसेंस मिलने के बाद, राहुल गांधी ने सबसे पहले अपनी मां सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को इसकी तस्वीर भेजी। राहुल ने मंच पर भी अपने माता-पिता के बारे में बात करते हुए इस लाइसेंस को लेकर एक इमोशनल कॉल किया। उन्होंने अपनी मां से बात करते हुए इस खजाने को उनके पास भेजने की बात की, जो परिवार के लिए एक अहम प्रतीक है।
एक परिवार ने दशकों तक संभाला
यह लाइसेंस इतने वर्षों तक एक परिवार द्वारा संभाला गया था, और अब यह राहुल गांधी के पास वापस आ चुका है। इस लाइसेंस के मिलने से यह साफ होता है कि कैसे परिवार की यादें और दस्तावेज पीढ़ी दर पीढ़ी हाथों में हस्तांतरित होते रहे हैं।
राहुल गांधी का कॉल और भावनात्मक संदेश
राहुल गांधी ने मंच से अपनी मां सोनिया गांधी को कॉल करते हुए यह महसूस कराया कि यह एक परिवार के लिए विशेष क्षण है। उन्होंने कहा कि यह लाइसेंस केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक धरोहर है, जो उनके परिवार के मूल्य और इतिहास को दर्शाता है।








