
महाराष्ट्र के कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उनके 4 पार्षद लापता हैं और उन पर आरोप है कि वे एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने की योजना बना रहे हैं। यह घटना उस समय हुई है, जब शिंदे गुट के पास KDMC में बहुमत का आंकड़ा पूरा करने का अवसर है।
बता दें, कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में 122 सदस्य हैं। शिंदे गुट के पास अब 53 सदस्य हैं, जिनमें MNS के 5 पार्षद शामिल हैं, जबकि भाजपा के पास 50 पार्षद हैं। यदि 5 MNS और 4 लापता शिवसेना (यूबीटी) पार्षद शिंदे गुट में शामिल हो जाते हैं, तो उनका आंकड़ा 62 तक पहुंच जाएगा, जो बहुमत से काफी अधिक होगा।
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने इस मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “हमने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। हमारे पार्षद गायब हैं और यह गद्दारी की शुरुआत है। वे हमारे चिह्न पर चुने गए थे, लेकिन अब उन्होंने अलग रास्ता चुन लिया है।”
शिवसेना (यूबीटी) के मुताबिक, लापता पार्षदों में मधुर म्हात्रे, कीर्ति ढोणे, राहुल कोट और स्वप्निल केने शामिल हैं। हालांकि, ठाणे पुलिस का कहना है कि गुमशुदगी का मामला दर्ज नहीं किया गया है क्योंकि इन पार्षदों को अपनी मर्जी से कहीं जाने के लिए माना जा रहा है।
इस घटनाक्रम के बाद दोनों खेमों (शिवसेना (यूबीटी) और शिंदे गुट) के बीच तनाव बढ़ गया है। शिवसेना (यूबीटी) ने MNS पार्षदों के शिंदे गुट को समर्थन देने पर नाराजगी जताई है। MNS ने भी शिंदे गुट को समर्थन देने का संकेत दिया है और कहा है कि यदि ऐसा नहीं किया जाता तो उनके पार्षद पार्टी में शामिल हो जाते।









