
चीन 2030 तक अपने वायुसेना बेड़े में 1000 J-20 फाइटर जेट्स को शामिल करने की योजना बना रहा है, जिससे वह अमेरिका की वायुसेना के वर्चस्व को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा सकता है। इस कदम से न केवल चीन का सैन्य शक्ति बढ़ेगा, बल्कि इसका प्रभाव भारत और एशिया के अन्य देशों पर भी पड़ेगा।
बता दें, चीन के J-20 फाइटर जेट्स को चीन के सबसे आधुनिक और उच्च तकनीकी विमान माना जाता है। यह विमान स्टेल्थ तकनीक से लैस हैं, जिससे इन्हें रडार से पकड़ना मुश्किल होता है। चीन के पास पहले से ही कई J-20 फाइटर जेट्स हैं और अब वह 2030 तक इनकी संख्या को बढ़ाकर 1000 तक ले जाने की योजना बना रहा है।
वहीं, J-20 फाइटर जेट्स की संख्या में बढ़ोतरी से चीन अमेरिका के वायुसेना वर्चस्व को चुनौती दे सकता है। अमेरिका के पास अब तक दुनिया के सबसे अधिक अत्याधुनिक फाइटर जेट्स हैं, लेकिन चीन के इस कदम से अमेरिकी सैन्य रणनीति को पुनः परखने की आवश्यकता होगी।
बता दें, चीन का यह कदम भारत के लिए भी चिंता का विषय बन सकता है, खासकर लद्दाख और अन्य सीमा क्षेत्रों में चीन की बढ़ती सैन्य ताकत को देखते हुए। भारत अपनी वायुसेना को और मजबूत करने के लिए कदम उठा सकता है और क्षेत्रीय सुरक्षा को बनाए रखने के लिए आवश्यक उपाय कर सकता है।
बता दें, 2030 तक 1000 J-20 फाइटर जेट्स का ऑपरेशन चीन की सैन्य ताकत को और मजबूत करेगा और यह अमेरिका की वर्चस्विता को चुनौती देगा। इसके साथ ही, यह भारत समेत अन्य देशों के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण से एक बड़ी चुनौती पैदा करेगा।









