
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) 27 जनवरी 2027 को सफलतापूर्वक पूरा हो गया। इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ के रूप में पहचान मिली है, और केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए 140 करोड़ भारतीय नागरिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा, “यह FTA सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि एक गहरी साझेदारी का ऐलान है। भारत और EU अब मिलकर कई क्षेत्रों में साझेदारी करेंगे और बेहतर भविष्य के लिए काम करेंगे। यह रणनीतिक साझेदारी में गेम-चेंजर साबित होगा।”
विस्तृत साझेदारी के फायदे
इस समझौते का लाभ सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर रक्षा सहयोग, निवेश, इनोवेशन और साइंस के क्षेत्रों में भी पड़ेगा। साथ ही, वित्तीय बाजारों में एकीकरण होगा, जो एक तिहाई दुनिया की आबादी के लिए समृद्धि और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करेगा। यह समझौता भारतीय श्रम-गहन क्षेत्रों जैसे टेक्सटाइल, कृषि और MSME को यूरोपीय बाजार में आसान पहुंच प्रदान करेगा।
FTA से व्यापार पर असर
इस FTA के तहत, यूरोपीय संघ से भारत में आने वाले 97% सामान पर टैरिफ में कमी या समाप्ति होगी, वहीं भारत से यूरोपीय संघ में जाने वाले 99% सामान पर टैरिफ छूट मिलेगी। विशेष रूप से कारों, वाइन, चॉकलेट, पास्ता, दवाइयां और कार पार्ट्स जैसे उत्पादों पर बड़ी राहत मिलेगी। इसके परिणामस्वरूप दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा, जिससे नौकरियों में वृद्धि और अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती मिलेगी।









