अजित पवार करने वाले थे चाचा शरद पवार के साथ NCP का विलय, इस खुलासे से राजनीति में मचा हड़कंप

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख अजित पवार के आकस्मिक निधन से पूरा प्रदेश शोक में है। इस दुखद घटना के...

मुंबई: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख अजित पवार के आकस्मिक निधन से पूरा प्रदेश शोक में है। इस दुखद घटना के बीच राजनीतिक सूत्रों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, अजित पवार की मृत्यु से ठीक पहले एनसीपी के दोनों धड़ों – अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट और शरद पवार के नेतृत्व वाले गुट के पुनः एक होने पर सहमति बन गई थी।

8 फरवरी को होने वाला था ऐलान?

सूत्रों का दावा है कि दोनों पक्षों के बीच बारामती विमान हादसे से कुछ दिन पहले ही इस विलय को लेकर सीधी बातचीत हुई थी। इस चर्चा के बाद यह तय हुआ था कि जिला परिषद चुनावों के तुरंत बाद पार्टी के एकीकरण की घोषणा की जाएगी। तारीख के तौर पर 8 फरवरी को इस ऐलान की तैयारी भी की गई थी। हालांकि, इस घोषणा से पहले ही 28 जनवरी को अजित पवार का निजी विमान बारामती में दुर्घटनाग्रस्त हो गया और इस हादसे में उनकी मौत हो गई।

“चाचा-भतीजे दोनों खुश थे, विलय तय था”: अजित पवार के करीबी

इस मामले में अजित पवार के करीबी सहयोगी और नेता किरण गुजर ने भी पुष्टि करते हुए कहा था कि हादसे से मात्र पांच दिन पहले, 23 जनवरी को दोनों वरिष्ठ नेताओं के बीच लंबी चर्चा हुई थी। दोनों इस बात पर सहमत थे कि पार्टी का विभाजन समाप्त होना चाहिए और दोनों गुटों को एक हो जाना चाहिए। गुजर के अनुसार, इस फैसले से अजित पवार और शरद पवार दोनों ही काफी खुश और उत्साहित थे। उन्होंने यह भी बताया कि अजित पवार इस विलय को महाराष्ट्र के हित में एक अहम कदम मानते थे।

क्या थी दुर्घटना की वजह?

28 जनवरी की सुबह अजित पवार मुंबई से बारामती के लिए निकले थे, जहां उनकी कई जनसभाएं और बैठकें निर्धारित थीं। हालांकि, बारामती हवाई पट्टी पर खराब दृश्यता (लो विजिबिलिटी) के कारण विमान की लैंडिंग में परेशानी हुई। पहला लैंडिंग प्रयास विफल रहा और दूसरी कोशिश के दौरान विमान का हादसा हो गया। विमान के अगले हिस्से में आग लग गई और यह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में अजित पवार के अलावा उनके सुरक्षा गार्ड विद्याधर जाधव, फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली, कैप्टन सुमित कपूर और को-पायलट शांभवी पाठक की भी मौत हो गई।

राजनीतिक संभावनाओं पर प्रश्नचिह्न

अजित पवार के निधन ने न केवल महाराष्ट्र की राजनीति में एक शून्य पैदा किया है, बल्कि एनसीपी के एकीकरण की उस प्रक्रिया को भी अनिश्चितता में डाल दिया है, जो अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी थी। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या शरद पवार के नेतृत्व वाला गुट इस विलय प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा या राजनीतिक समीकरण फिर से बदल जाएंगे।

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