
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों को वित्तीय स्वीकृति से जुड़ी नई दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अब 50 करोड़ रुपये तक के प्रोजेक्ट्स की स्वीकृति संबंधित मंत्री स्वयं दे सकेंगे। वहीं, 150 करोड़ रुपये तक के प्रोजेक्ट्स की स्वीकृति वित्त मंत्री करेंगे। इसके अलावा, 150 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को अंतिम मंजूरी मुख्यमंत्री द्वारा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने विभागों को निर्देशित किया कि वे अपनी वार्षिक कार्ययोजना को 15 अप्रैल तक स्वीकृत कर लें। उन्होंने कहा कि यदि किसी परियोजना की लागत में 15% या उससे अधिक का इजाफा होता है, तो उसे फिर से अनुमोदन के लिए भेजा जाना अनिवार्य होगा, और इस पर उपयुक्त कारणों के साथ अनुमोदन लिया जाना चाहिए।
सीएम योगी ने आशा और आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह तय तिथि पर कर्मियों को उनका मानदेय मिलना सुनिश्चित किया जाए और अधिकारियों से यह भी कहा कि वे केंद्रांश की प्रतीक्षा न करें और समय पर मानदेय का भुगतान करें।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को थर्ड पार्टी ऑडिट की प्रक्रिया को और सख्त बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने विभागों से कहा कि नई वर्गीकरण प्रणाली पर ध्यान दिया जाए ताकि काम के प्रदर्शन का सही मूल्यांकन किया जा सके और योजनाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।









