
1 फरवरी 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया जाने वाला बजट एक ओर जहां देश के आर्थिक भविष्य के लिए अहम साबित हो सकता है, वहीं ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी इसे लेकर खास योग बन रहे हैं। इस दिन माघ पूर्णिमा और रवि पुष्य योग का संयोग बन रहा है, जो इस बजट को विशेष बनाता है।
पुष्य नक्षत्र में पेश होगा बजट
बजट का शुभारंभ पुष्य नक्षत्र में हो रहा है, जो आमतौर पर धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। पुष्य नक्षत्र के दौरान सोना खरीदने और धन-संबंधी फैसले लेने को शुभ माना जाता है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि बजट के बाद सरकार जनता के लिए लोकलुभावन घोषणाएं कर सकती है, जबकि खजाने का भी ध्यान रखा जाएगा, जिससे वित्तीय स्थिरता बनी रहेगी।
शनि और राहु का असर
बजट पेश होने के दिन शनि की राशि कुंभ में राहु का प्रभाव बना हुआ है, जिससे सरकार की आर्थिक नीतियों में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना कम है। यह स्थिति दर्शाती है कि सरकार सख्त आर्थिक फैसले ले सकती है, जिनसे कई क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिल सकता है।
चंद्रमा का कर्क राशि में होना
चंद्रमा का कर्क राशि में होना इस बात का संकेत है कि बजट में खासतौर पर महिलाओं, गरीबों, आवास, राशन और सब्सिडी जैसी योजनाओं पर ध्यान दिया जा सकता है। यह आम आदमी को राहत देने वाले कदम हो सकते हैं, विशेष तौर पर महिलाओं के लिए।
मार्केट पर असर
ग्रहों की स्थिति के अनुसार, बजट के बाद बाजार में हलचल देखने को मिल सकती है। हालांकि, शुरूआत में बाजार के लिए यह उतना सकारात्मक नहीं होगा, लेकिन सरकार की लोकल









