
Hyderabad: भारत राष्ट्र समिति (BRS) के प्रवक्ता मन्ने कृष्णक ने हैदराबाद के नामपल्ली फोरेंसिक लैब में हाल में लगी आग की सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने घटना पर सवाल उठाते हुए, कहा कि तेलंगाना सरकार की यह फोरेंसिक लैब, जो पुलिस सुरक्षा में है, में बुनियादी सुरक्षा उपायों की कमी पाई गई है।
बता दें, कृष्णक ने आरोप लगाया कि इस लैब में “वोट-फॉर-नोट” मामले के अहम विज़ुअल और ऑडियो रिकॉर्डिंग सहित कई जरूरी सबूत रखे गए थे, जिसमें मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी कथित तौर पर 50 लाख रुपये के बैग के साथ पकड़े गए थे। उनका कहना था कि यह सबूत और फोन-टैपिंग जांच से जुड़े डेटा भी लैब में मौजूद हैं।
कृष्णक ने कहा, “यह चौंकाने वाली बात है कि तेलंगाना राज्य सरकार की फोरेंसिक लैब, जिसकी सुरक्षा पुलिस करती है, जिसमें सुरक्षा के उपाय नहीं हैं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर अभी ऐसे मामले चल रहे हैं, जिसमें उन्हें वोट के बदले 50 लाख रुपये के बैग के साथ रंगे हाथ पकड़ा गया था। उस मामले के विज़ुअल और ऑडियो रिकॉर्डिंग फोरेंसिक लैब में हैं। और अब, कांग्रेस सरकार जो पिछले दो सालों से फोन टैपिंग के मामले चला रही है, दावा कर रही है कि वह सबूत भी लैब में हैं।”
उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग ने अब यह दावा किया है कि लैब के कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और अन्य सबूतों को नष्ट कर दिया गया है, जिस पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कृष्णक ने सवाल किया, “जब मुख्यमंत्री रेवंत के अलावा किसी और से जुड़े मामलों के सबूत जलाए या नष्ट किए गए हैं, तो निष्पक्ष जांच कैसे हो सकती है?”
BRS प्रवक्ता ने इस मामले में एक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की आवश्यकता जताते हुए कहा, “हम, BRS के रूप में, मांग करते हैं कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) इस आग की घटना की पूरी जांच करे।”
ज्ञात हो कि शनिवार दोपहर हैदराबाद के नामपल्ली फोरेंसिक लैब में आग लग गई थी। घटना के बाद फायर मशीनें मौके पर पहुंची और आग पर काबू पा लिया। इस हादसे में अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं।









