
इंडिया गठबंधन के फ्लोर लीडर्स सोमवार को सुबह 10 बजे राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर पर मिलेंगे। इस बैठक में वे संसद के चल रहे बजट सत्र के लिए आगे की कार्रवाई पर चर्चा करेंगे और आगामी रणनीतियों पर निर्णय लेंगे।
बता दें, गुरुवार को विपक्षी सांसदों ने खड़गे के कार्यालय में मीटिंग की थी, जिसमें लोकसभा के विपक्षी नेता राहुल गांधी भी मौजूद थे। इस मीटिंग में विपक्षी नेताओं ने संसद में अपनी फ्लोर स्ट्रैटेजी पर चर्चा की थी।
गुरुवार को, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे, तब विपक्ष ने राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया था। विपक्ष ने आरोप लगाया कि राज्यसभा और लोकसभा दोनों में विपक्ष के नेताओं को बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा था, जिसके कारण उन्हें वॉकआउट करना पड़ा। विपक्षी नेताओं ने संसद के ऊपरी सदन में “विपक्ष की आवाज़ नहीं दबेगी, तानाशाही नहीं चलेगी” के नारे लगाए।
विपक्ष केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध कर रहा है, क्योंकि राहुल गांधी को लोकसभा में 2020 के चीन गतिरोध पर पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित यादों का हवाला देने की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके अलावा, INDIA ब्लॉक भी भारत-यूएस व्यापार समझौते पर चर्चा की मांग कर रहा है।
इस बीच, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने संसद को संबोधित करते हुए कहा कि खेती और डेयरी समेत संवेदनशील आर्थिक क्षेत्रों के हितों की पूरी तरह से रक्षा की गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राहुल गांधी को किसी अनपब्लिश्ड मेमॉयर या उस पर आधारित किसी आर्टिकल का हवाला देने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
बजट सत्र के दौरान, कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चीन के साथ 2020 के बॉर्डर तनाव का विशेष उल्लेख करने के बाद लोकसभा में हंगामा हुआ था। सस्पेंड किए गए सांसदों में कांग्रेस के हिबी एडेन, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, मणिकम टैगोर, गुरजीत सिंह औजला, प्रशांत यादोराव पडोले, चमाला किरण कुमार रेड्डी, डीन कुरियाकोस और CPI(M) के एस वेंकटेशन शामिल हैं। लोकसभा में हंगामा करने के सा नियमों का उल्लंघन करने और “कुर्सी पर कागज फेंकने” के आरोप में आठ विपक्षी सांसदों को लोकसभा से सस्पेंड कर दिया गया था।









