
कानपुर के ग्वालटोली थाना क्षेत्र में करोड़ों की लैंबॉर्गिनी सवार ने बाइक सवार समेत कई लोगों को रौंद दिया….इस दर्दनाक घटना की पूरी जानकारी इस खबर में पढ़िए…
बता दें कि तेज रफ़्तार लैम्बोर्गिनी कार पहले बुलेट और फिर एक ऑटो को टक्कर मारी और फिर कार अनियंत्रित होकर फुटपाथ पर चढ़ गई. इस हादसे में कई लोग घायल हो गए…

इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने सबसे पहले गाड़ी को जब्त कर लिया…इसी के साथ पुलिस ने अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया….जबकि लैंबॉर्गिनी सवार रईस शिवम मिश्रा का FIR में नाम तक नहीं है…बल्कि जानकारी के मुताबिक इस लैंबॉर्गिनी कार रईस शिवम मिश्रा ही चला रहा था…
आखिर ऐसा क्यों हैं इस मामले में कई सारे सवाल उठने लगे है….क्योंकि जब शिवम मिश्रा खुद कार को चला रहा था तो उसके खिलाफ मुकदमा क्यों नहीं लिखा गया….

डीसीपी सेंट्रल का बयान
डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक मामला दर्ज कर जांच जारी है, गाड़ी जब्त कर ली गई है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई.
दूसरी ओर इस घटना में सवालों की लाइन लगी हुई है…
सवाल उठ रहे हैं
- क्या आरोपी “रईस तंबाकू कारोबारी का बेटा” होने के कारण बचाया जा रहा है?
- क्या आम आदमी होता तो अब तक जेल में होता?
- क्या नशे में ड्राइविंग पर कानून अमीरों के लिए अलग है?
- आखिर किसके दबाव में पुलिस कार्रवाई से बच रही है?
पीड़ित अस्पताल में, आरोपी बाहर, न्याय कब मिलेगा?

चलिए अब आपको बताते हैं कि आखिर रईस शिवम मिश्रा है कौन?
रईस शिवम मिश्रा, रईस तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा का बेटा है….केके मिश्रा बंशीधर एक्सपोर्ट्स के मालिक हैं. शहर के बड़े उद्योगपतियों में गिने जाते हैं.
इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए जा रहे है….क्या उद्योगपति के बेटे को कानपुर पुलिस ने बचाया है?









