दालमंडी में ध्वस्तीकरण के दौरान युवक ने घर के बारजा पर लगाई आग,निशाने पर पुलिस और पत्रकार !

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र दालमंडी में उस समय अफरा तफरी का माहौल हो गया, जब चौड़ीकरण के कार्य के दौरान बुलडोजर लेकर जर्जर मकानों को ध्वस्त करने पहुंची पुलिस और कर्मचारियों के साथ पत्रकारों को निशाना बनाते हुए एक युवक ने ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आग लगा दी। हालांकि आग लगाने से पहले सभी ने वहां से समय रहते हट गए और आग युवक के मकान के बारजे में लग गई। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पाया और आग लगाने वाले युवक को हिरासत में ले लिया। इस घटना ने जहां सभी को चौका दिया, तो वही दूसरी ओर इस घटना के बाद उपद्रवियों का हौसला बुलंद होता नजर आया और उन्होंने माहौल खराब करने की कोशिश करते हुए धार्मिक नारे के साथ ध्वस्तीकरण टीम के वापस जाने के नारे लगाने लगे। पुलिस ने हालात को गंभीरता से लिया और पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर हल्का बल प्रयोग कर उपद्रवियों को खदेड़ दिया। जबकि इस दौरान करीब आधा दर्जन ऐसे लोगों को पुलिस न हिरासत में लिया जो ध्वस्तीकरण के कार्य में बांधा बन रहे थे और लोगों को भड़का रहे थे। मौके पर मौजूद काशी जोन के डीसीपी गौरव बंसवाल ने बताया कि आग लगाने वाला युवक आग लगाने के बाद वहां से फरार हो गया था, जिसे कुछ समय बाद हिरासत में लिया गया। जबकि दालमंडी में शांतिव्यवस्था को कायम करने के लिए हो भी जरूरत है उसे पूरी की जा रही है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि दालमंडी चौड़ीकरण का कार्य न्यायिक प्रक्रिया को पूरा करने के बाद किया जा रहा है, ऐसे में यदि कोई भी इस कार्य में अवरोध पैदा करेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

21 जर्जर मकानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तेज, बुलडोजर से जमीदोज हुए जर्जर मकान…

दालमंडी के चौड़ीकरण के लिए 181 मकानों को ध्वस्त किया जाना है। ऐसे में प्रशासन की तमाम कवायत के बाद अब तक 29 मकान मालिकों ने रजिस्ट्री करवाकर मुआवजा ले लिया है। जबकि 21 मकानों को नगर निगम द्वारा चिन्हित कर नोटिस दिया गया, जो जर्जर हालत में थे और कभी भी गिर सकते थे। ऐसे में नगर निगम ने नोटिस के बाद सोमवार को उन्हें ध्वस्त करने के लिए पहुंची। नगर निगम की टीम के साथ पीडब्ल्यूडी की टीम मौजूद रही। जबकि सुरक्षा की दृष्टि से करीब 500 पुलिस के जवान और रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया। नगर निगम की टीम ने पीडब्ल्यूडी (PWD) के साथ मिलकर जर्जर मकानों को ध्वस्त करने में जुट गई, इस दौरान कई जर्जर भवनों को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया।

ध्वस्तीकरण के विरोध में दालमंडी के लोग, नगर निगम पर लगाया एकतरफा कार्रवाई का आरोप…

दालमंडी चौड़ीकरण के कार्य के बीच वाराणसी नगर निगम के अधिकारियों पर स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि तीन दिन पहले नगर निगम की तरफ से दालमंडी में 21 मकानों को नोटिस दिया गया कि उनके मकान जर्जर है और बिना जर्जर भवन की मरम्मत करने की मोहलत दिए इन्हीं तीन दिन में ही इसे ध्वस्त करना शुरू कर दिया। जबकि वाराणसी शहर के अंदर दालमंडी से ज्यादा जर्जर हालत में मकान है, लेकिन नगर निगम की टीम उन पर कोई कार्रवाई नहीं करती है। यह पूरी कार्रवाई दालमंडी के लोगों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। वहीं नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि समय – समय पर नगर निगम क्षेत्र में जर्जर भवनों को ध्वस्त किया जाता रहा है। दालमंडी में जर्जर मकानों को कई बार नोटिस दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी भावनस्वामियों ने इसे ठीक नहीं करवाया ऐसे में जर्जर हो चुके मकानों को ध्वस्त किया जा रहा है।

Related Articles

Back to top button