मोहित अगाड़ी बने प्रोवेंस AI के नए CEO, इंडिया AI इम्पैक्ट बैठक 2026 में लेंगे प्रमुख भूमिका, जानें कौन- कौन से होंगे फायदे?

प्रोवेंस AI ने मोहित अगादी को अपना नया CEO नियुक्त किया है। मोहित अगादी, जो एक अनुभवी और तकनीकी विशेषज्ञ हैं, अब प्रोवेंस AI के संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनका नेतृत्व AI क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव और विकास लाएगा। इसके साथ ही, मोहित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में प्रमुख भूमिका निभाएंगे, जहां वह AI के भविष्य और भारत में इसके प्रभाव पर अपने विचार साझा करेंगे।

प्रोवेंस AI, जो एक AI-पावर्ड फैक्ट-चेकिंग एजेंट और SaaS प्लेटफॉर्म है, ने आज घोषणा की कि उसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने फाउंडर मोहित अगाड़ी को कंपनी का नया CEO नियुक्त किया है। इस नए चरण के तहत, मोहित अगाड़ी इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में प्रोवेंस AI का प्रतिनिधित्व करेंगे, जो एक ग्लोबल फोरम है जो जिम्मेदार और उच्च-प्रभाव वाले AI डिप्लॉयमेंट पर फोकस करता है।

प्रोवेंस AI के CEO मोहित अगाड़ी ने कहा, “AI से चलने वाली गलत जानकारी का असर अब सिर्फ थ्योरी तक सीमित नहीं है। यह अब एक वास्तविक समस्या बन चुकी है और इसके प्रभाव को मापा जा सकता है। प्रोवेंस AI का मिशन यह सुनिश्चित करना है कि जानकारी के पीछे की शुरुआत, संदर्भ और सबूत सही तरीके से वेरिफाइड हो, ताकि सच्चाई कायम रह सके।”

बता दें, प्रोवेंस AI को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा फैल रही गलत जानकारी और उसके बढ़ते ग्लोबल प्रभाव से निपटने के लिए डिजाइन किया गया है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की रिसर्च के अनुसार, AI से उत्पन्न होने वाली गलत जानकारी को अब सबसे बड़े शॉर्ट-टर्म ग्लोबल रिस्क में से एक माना गया है। इसके प्रभाव से पब्लिक ट्रस्ट, डेमोक्रेटिक प्रोसेस और सोशल कोहेशन को खतरा हो सकता है। इसी कारण, प्रोवेंस AI सही जानकारी की पहचान और उसे ट्रैक करने का एक सुरक्षित तरीका प्रदान करता है।

प्रोवेंस AI रियल-टाइम AI वेरिफिकेशन को ब्लॉकचेन-एंकरड प्रोवेंस के साथ जोड़ता है, जिससे क्लेम्स को उनके ओरिजिनल सोर्स तक ट्रेस किया जा सकता है और साथ ही सपोर्टिंग सबूतों का मूल्यांकन किया जा सकता है। यह प्लेटफ़ॉर्म एक पब्लिक-फेसिंग AI एजेंट के रूप में कार्य करता है, जो उपयोगकर्ताओं को सटीक और समय पर वेरिफिकेशन प्रदान करता है। इसके अलावा, कंपनी ने एक स्टैंडअलोन SaaS इंटरफ़ेस और API भी उपलब्ध कराए हैं, जिससे ऑर्गनाइज़ेशन और डेवलपर्स अपनी जरूरत के अनुसार इसे इंटीग्रेट कर सकते हैं।

अक्टूबर 2025 में X (पहले Twitter) पर अपना फैक्ट-चेकिंग AI एजेंट, Provenance Fact-check लॉन्च करने के बाद से, प्रोवेंस AI ने 46 देशों में 6,664 फैक्ट-चेक किए हैं, जो लगभग 6.7 मिलियन व्यूज़ और 140,000 एंगेजमेंट्स का हिस्सा बने। इसके परिणामों ने मॉडर्न इन्फॉर्मेशन फ्लो के चुनौतीपूर्ण पहलुओं को उजागर किया है, जिसमें 37% सही, 23% ज़्यादातर सही, 13% ज़्यादातर गलत, 8% गलत, 5% मिले-जुले, और 15% अनवेरिफाइड मामले सामने आए हैं।

बता दें, कंपनी ने हाल ही में एक ऑटोमेटेड कैपिटल फॉर्मेशन प्रोसेस के तहत USD 7 मिलियन का वैल्यूएशन हासिल किया है। इस निवेश से कंपनी प्रोडक्ट डेवलपमेंट को और बढ़ावा देने, ह्यूमन-इन-द-लूप वैलिडेशन को मजबूत करने और कई भाषाओं में कवरेज बढ़ाने की दिशा में काम करेगी। इसके साथ ही, प्रोवेंस AI मीडिया, एंटरप्राइज़ और AI इकोसिस्टम में पार्टनरशिप को भी गहरा करने के लिए तैयार है।

बता दें, इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026, जो भारत के नेशनल AI इनिशिएटिव के तहत आयोजित किया जाएगा, सरकारों, रिसर्चर्स, इंडस्ट्री लीडर्स और सिविल सोसाइटी को AI गवर्नेंस, सेफ्टी और इसके असल दुनिया पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करेगा। प्रोवेंस AI के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है, जहां वे नीति निर्माताओं और उद्योग के नेताओं के साथ जुड़कर बड़े पैमाने पर ज़िम्मेदार AI अपनाने में मदद करने का रास्ता खोज सकते हैं।

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