
हाल ही में शंकराचार्य शिष्य प्रकरण पर दिए गए अपने बयान के बाद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक प्रदेश की राजनीति और सामाजिक हलकों में चर्चा के केंद्र बन गए हैं। उन्होंने अपने सरकारी आवास पर बड़ी संख्या में बटुकों को आमंत्रित किया और परंपरागत तरीके से उनका स्वागत करते हुए तिलक लगाया। इस दौरान एक आत्मीय माहौल देखने को मिला, जिसमें बटुकों ने ब्रजेश पाठक के प्रति आभार व्यक्त किया।
बटुकों ने कहा कि ब्रजेश पाठक ने धार्मिक परंपराओं और सम्मान से जुड़े मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी है। उनका मानना है कि उपमुख्यमंत्री का बयान समाज में एक सकारात्मक संदेश देने वाला है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज को सम्मान और परंपराओं की रक्षा के लिए धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी इस अवसर पर सामाजिक सद्भाव और आपसी सम्मान की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखना जरूरी है, और इसी दिशा में उन्होंने अपनी जिम्मेदारी को स्वीकार किया।
इस मौके पर पारंपरिक तरीके से ब्रजेश पाठक का स्वागत किया गया और बटुकों ने उन्हें समाज में सम्मान और धार्मिक परंपराओं के लिए खड़ा होने के लिए धन्यवाद दिया।
हालांकि, इस कार्यक्रम के दौरान शांति और अनुशासन बनाए रखा गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि ब्रजेश पाठक कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।









