अबू धाबी मॉडल पर बनेगा ‘नया नोएडा’ शहर, 3 हजार उद्योग और 6 लाख आबादी के साथ तैयार होगा बड़ा औद्योगिक हब, जानें क्या हैं पूरी योजना?

औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए ‘नया नोएडा’ शहर बसाने की तैयारी तेज हो गई है। दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (DNGIR) के तहत विकसित होने वाले इस नए शहर को अबू धाबी के औद्योगिक जोन की तर्ज पर तैयार किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश: औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए ‘नया नोएडा’ शहर बसाने की तैयारी तेज हो गई है। दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (DNGIR) के तहत विकसित होने वाले इस नए शहर को अबू धाबी के औद्योगिक जोन की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि यह क्षेत्र भविष्य में एक बड़े औद्योगिक और आवासीय हब के रूप में विकसित हो, जहां हजारों उद्योग और लाखों लोगों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हों।

बता दें, मास्टर प्लान के अनुसार इस क्षेत्र में करीब तीन हजार औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जाएंगी। अनुमान है कि इस नए शहर की कुल आबादी लगभग छह लाख होगी, जिसमें करीब 3.5 लाख लोग प्रवासी या बाहर से आने वाले होंगे। इतनी बड़ी आबादी को ध्यान में रखते हुए यहां पानी, बिजली, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यापक योजना तैयार की गई है।

बता दें, पानी की सप्लाई के लिए करीब 300 एमएलडी क्षमता की व्यवस्था की जाएगी। इसमें गंगाजल और भूमिगत जल को मिलाकर सप्लाई की योजना है। इसके लिए क्षेत्र में कई नलकूप खंड और जलाशय भी विकसित किए जाएंगे। वहीं कुल पानी में से लगभग 212 एमएलडी पानी औद्योगिक इकाइयों को दिया जाएगा, जबकि घरेलू जरूरतों के लिए करीब 85 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जाएगी।

पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान में जल संरक्षण की विशेष व्यवस्था भी शामिल की गई है। गिरते भूजल स्तर को सुधारने और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए करीब 58.96 हेक्टेयर क्षेत्र में झील (लेक) और लगभग 91.75 हेक्टेयर में नहर (कैनाल) विकसित की जाएंगी। इसके अलावा औद्योगिक और घरेलू उपयोग के बाद निकलने वाले दूषित पानी को एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के जरिए शुद्ध किया जाएगा।

बता दें, नया नोएडा शहर बुलंदशहर और दादरी क्षेत्र के करीब 80 गांवों की जमीन पर बसाया जाएगा। जमीन अधिग्रहण के लिए लैंड पूलिंग मॉडल अपनाया जाएगा ताकि किसानों को भी परियोजना का लाभ मिल सके।

वहीं, मास्टर प्लान 2041 के अनुसार डीएनजीआईआर का कुल क्षेत्रफल करीब 21 हजार हेक्टेयर होगा। इसमें लगभग 8811 हेक्टेयर क्षेत्र औद्योगिक गतिविधियों के लिए आरक्षित रहेगा, जबकि दो हजार हेक्टेयर से अधिक जमीन आवासीय विकास के लिए तय की गई है।

बता दें, लोगों के रहने के लिए चार अलग-अलग श्रेणियों में आवास बनाए जाएंगे। इनमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, लो इनकम ग्रुप, मिडिल इनकम ग्रुप और हाई इनकम ग्रुप के लिए फ्लैट तैयार किए जाएंगे। योजना के तहत लगभग 18.1 हेक्टेयर में EWS, 40.8 हेक्टेयर में LIG, 29.9 हेक्टेयर में MIG और 1.8 हेक्टेयर क्षेत्र में HIG आवास विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही टाइप-1, टाइप-2 और टाइप-3 श्रेणी के मकानों की भी व्यवस्था होगी।

सरकार का मानना है कि नया नोएडा आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख औद्योगिक और आवासीय केंद्र बन सकता है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योगों की मौजूदगी और आधुनिक सुविधाओं के कारण यह क्षेत्र निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।

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