दिल्ली हाई कोर्ट की वकील कैंटीन में गैस संकट का असर, LPG की कमी से मेन कोर्स खाना बंद

Gas crisis hits Delhi High Court’s lawyers’ canteen, main course meals stopped due to LPG shortage. दिल्ली हाई कोर्ट परिसर में स्थित वकीलों की कैंटीन में LPG गैस की कमी के कारण मुख्य भोजन (मेन कोर्स) की सेवा अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। कैंटीन प्रबंधन की ओर से जारी नोटिस में बताया गया है कि गैस सिलेंडर की सप्लाई न होने के कारण फिलहाल किचन में मेन कोर्स का खाना तैयार नहीं किया जा पा रहा है।

कैंटीन के प्रबंधक संदीप शर्मा द्वारा जारी नोटिस के मुताबिक यह सूचना कोर्ट के माननीय सचिव और सभी वकीलों को भेजी गई है। नोटिस में कहा गया है कि कैंटीन प्रबंधन को अभी यह स्पष्ट जानकारी नहीं है कि LPG गैस की सप्लाई कब तक सामान्य होगी। जैसे ही गैस की आपूर्ति बहाल होगी, मेन कोर्स भोजन की सेवा दोबारा शुरू कर दी जाएगी।

हालांकि कैंटीन में कुछ हल्के खाद्य पदार्थों की सेवा जारी रखी गई है। इनमें ऐसे आइटम शामिल हैं जिन्हें LPG पर पकाने की आवश्यकता नहीं होती, जैसे सैंडविच, सलाद, फ्रूट चाट और अन्य रिफ्रेशमेंट। प्रबंधन ने वकीलों और आगंतुकों को हुई असुविधा के लिए खेद भी जताया है और सामान्य सेवा बहाल होने तक सहयोग की अपील की है।

इस बीच देश के कई हिस्सों में LPG गैस की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ती दिख रही है। केंद्र सरकार ने 7 मार्च को घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की थी। इसके बाद दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये, कोलकाता में 939 रुपये, मुंबई में 912 रुपये और चेन्नई में 928 रुपये हो गई है। अलग-अलग राज्यों में कीमतों में यह अंतर स्थानीय टैक्स के कारण है।

सप्लाई में संभावित कमी की आशंका के चलते कई जगहों पर लोग गैस एजेंसियों के बाहर लाइन में भी दिखाई दिए। उत्तर प्रदेश में भी सुबह से ही कई ग्राहक सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों के बाहर कतार में खड़े नजर आए। एक ग्राहक अजय निषाद ने बताया कि पिछले लगभग दस दिनों से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और कई जगहों पर एक समय में 400 से 500 लोग गैस लेने के लिए लाइन में लग रहे हैं।

इस बीच केंद्र सरकार ने घरेलू LPG रिफिल के लिए 25 दिन का नया इंटर-बुकिंग पीरियड भी लागू कर दिया है। माना जा रहा है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे गैस की उपलब्धता पर दबाव बढ़ा है।

सरकार ने हालात को देखते हुए एसेंशियल कमोडिटीज़ एक्ट लागू किया है, ताकि घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जा सके। इसके तहत घरों, अस्पतालों और आवश्यक सेवाओं के लिए गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जबकि कई क्षेत्रों में वाणिज्यिक उपयोग के लिए वितरण पर अस्थायी रोक लगाई गई है।

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, इस व्यवस्था से प्राकृतिक गैस वितरण के लिए स्पष्ट प्राथमिकता तय की गई है। नए प्रावधान के तहत घरेलू पाइप्ड गैस और वाहनों के लिए CNG की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, जबकि अन्य क्षेत्रों को पिछले छह महीनों के औसत उपयोग के आधार पर सीमित आपूर्ति दी जाएगी।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारत अपनी प्राकृतिक गैस का एक बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से आयात करता है और क्षेत्रीय तनाव के कारण लॉजिस्टिक चुनौतियां बढ़ गई हैं।

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