UPSC 79वीं रैंक पर 2 अभ्यर्थियों का दावा, गाजीपुर और हिमाचल की प्रियंका के नाम पर फैली गलतफहमी, फाइनल कौन यहां जानिए?

गाजीपुर की रहने वाली प्रियंका चौधरी के परिवार की ओर से 79वीं रैंक हासिल करने का दावा किया गया था, जिसके बाद यह खबर तेजी से फैल गई।

UPSC 2025 के परिणाम घोषित होने के बाद से कुछ रैंक्स को लेकर बड़ा ही बवाल मच गया…क्योंकि कुछ रैंक्स के नंबर ऐसे निकले, जिसपर दो-दो लोग दावेदारी करने लगे…

इसी में से एक है UPSC की 79वीं रैंक, जिसको लेकर भ्रम पैदा हुआ क्योंकि यहां पर भी दो दावेदार निकलने पर असली कौन सा है ये भी अब साफ हो गया है.

79वीं रैंक को लेकर गाजीपुर और हिमाचल की प्रियंका के नाम पर फैली गलतफहमी हुई. गाजीपुर में UPSC परीक्षा की 79वीं रैंक को लेकर बड़ा भ्रम सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, गाजीपुर की रहने वाली प्रियंका चौधरी के परिवार की ओर से 79वीं रैंक हासिल करने का दावा किया गया था, जिसके बाद यह खबर तेजी से फैल गई।

हालांकि बाद में स्पष्ट हुआ कि UPSC में 79वीं रैंक हिमाचल प्रदेश की प्रियंका चौधरी को मिली है। बताया जा रहा है कि हिमाचल की प्रियंका चौधरी चंबा के डीसी मुकेश रेप्सवाल की पत्नी हैं। वहीं गाजीपुर की प्रियंका चौधरी, जो एक SDM के ड्राइवर की बेटी बताई जा रही हैं, वर्तमान में GST विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं और उनका इस वर्ष UPSC में चयन नहीं हुआ है।

अब डिटले में दोनों ही लोगों के बारे में बताते हैं…

AIR-79 रैंक हासिल करने वाली प्रियंका चौधरी हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के जिला कलेक्टर मुकेश रेप्सवाल की पत्नी हैं। मुकेश रेप्सवाल 2015 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में चंबा में डीसी के पद पर कार्यरत हैं।

प्रियंका मूल रूप से राजस्थान के बीकानेर की रहने वाली बताई जाती हैं। उनके पिता शंकरलाल सहारन बीकानेर में पेट्रोल पंप और कार एजेंसी का व्यवसाय करते हैं, जबकि उनकी माता का नाम सोहिनी चौधरी है। परिवार में उनकी एक बहन है जो हैदराबाद के सरकारी कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं और एक भाई चेन्नई के मणिपाल विश्वविद्यालय से बीटेक कर रहा है।

बताया जाता है कि प्रियंका ने यूपीएससी परीक्षा में चौथे प्रयास में यह सफलता हासिल की। इससे पहले वे तीन बार इंटरव्यू तक पहुंचीं, लेकिन अंतिम सूची में जगह नहीं बना पाईं। लगातार प्रयास और नियमित अध्ययन के बाद उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। तैयारी के दौरान वे रोजाना करीब 8 से 10 घंटे पढ़ाई करती थीं।

वहीं दूसरी ओर दूसरी अभ्यर्थी जो कि उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के जखनिया क्षेत्र के गौरा खास गांव की प्रियंका चौधरी का उल्लेख किया गया है। उनके पिता नीरा राम पिछले करीब कई सालों से SDM के ड्राइवर है…और वरिष्ठ अधिकारियों की गाड़ियां चलाते रहे हैं। परिवार के अनुसार प्रियंका बचपन से ही पढ़ाई में तेज थीं। वे बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) की छात्रा रह चुकी हैं और हाल ही में जीएसटी इंस्पेक्टर के पद के लिए भी चयनित हुई थीं।

खैर UPSC के परिणामों में ऐसा पहली बार नहीं हुआ है…इससे पहले भी ऐसा हो चुका है…और UPSC परिणामों को लेकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे है…

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