
Pakistani Spy In India: भारत में सुरक्षा एजेंसियों ने पिछले समय में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि इन आरोपियों के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से संबंध थे और ये सोशल मीडिया, मोबाइल ऐप और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचा रहे थे। कई मामलों में सेना से जुड़ी सूचनाएं, तस्वीरें और सैन्य गतिविधियों की जानकारी साझा करने के आरोप सामने आए हैं।
हरियाणा के हिसार की ट्रैवल व्लॉगर ज्योति मल्होत्रा को 2025 में पुलिस ने जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक वह कई बार पाकिस्तान गई थी और वहां के अधिकारियों से संपर्क में थी। आरोप है कि उसने भारत के संवेदनशील स्थानों से जुड़ी तस्वीरें और जानकारी पाकिस्तानी एजेंटों को भेजी। पुलिस के अनुसार वह सोशल मीडिया के जरिए ISI हैंडलरों से लगातार संपर्क में थी।
इसी तरह हरियाणा के कैथल निवासी छात्र देवेंद्र सिंह ढिल्लों को भी 2025 में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। वह पटियाला के खालसा कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था। जांच में सामने आया कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में था और कथित तौर पर हथियारों और सैन्य गतिविधियों से जुड़ी जानकारी साझा करता था। पुलिस को उसके मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट से कई डिजिटल सबूत मिले।
उत्तर प्रदेश के कैराना निवासी नौमन इलाही को हरियाणा पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया। वह पहले एक फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करता था। जांच में सामने आया कि उसने भारतीय सेना से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएं और वीडियो ISI हैंडलर को भेजे थे। पुलिस को उसके मोबाइल, कॉल रिकॉर्ड और बैंक लेनदेन से पाकिस्तान से जुड़े संपर्कों के प्रमाण मिले।
पंजाब के जालंधर से मोहम्मद मुर्तजा अली को भी 2025 में गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक वह मोबाइल ऐप के जरिए भारत की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाता था। जांच में उसके पास से कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए। अधिकारियों का कहना है कि वह ऑनलाइन माध्यम से ISI एजेंटों के संपर्क में था और इसके बदले उसे पैसे भी मिलते थे।
उत्तर प्रदेश एटीएस ने 2025 में ऑर्डनेंस फैक्ट्री के कर्मचारी रविंद्र कुमार को भी गिरफ्तार किया। उस पर हथियार निर्माण और सैन्य उपकरणों से जुड़ी गोपनीय जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी तक पहुंचाने का आरोप है। जांच एजेंसियों के अनुसार वह लंबे समय से एक विदेशी हैंडलर के संपर्क में था। उसके मोबाइल और डिजिटल डिवाइस से कई संवेदनशील दस्तावेज और बातचीत के रिकॉर्ड मिले।
दिल्ली पुलिस ने भी 2025 में कासिम नाम के युवक को ISI से जुड़े जासूसी नेटवर्क में गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि वह दो बार पाकिस्तान गया था, जहां उसे जासूसी की ट्रेनिंग दी गई थी। आरोप है कि उसने भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तान भेजे थे, जिनका इस्तेमाल पाकिस्तानी एजेंट भारत में संपर्क स्थापित करने के लिए करते थे।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से शाहजाद नाम के व्यक्ति को एटीएस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया। अधिकारियों के मुताबिक वह ISI एजेंटों के संपर्क में था और भारत की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी साझा करता था।
राजस्थान के श्रीगंगानगर इलाके से प्रकाश सिंह उर्फ बादल को भी 2025 में गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार वह सीमा के पास सैन्य क्षेत्रों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों में शामिल था और सेना से जुड़ी जानकारी पाकिस्तान भेजने का आरोप था।
इन सभी मामलों में सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपियों के खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (Official Secrets Act) के तहत कार्रवाई की है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन जासूसी गतिविधियों के पीछे कौन-कौन से विदेशी संपर्क और नेटवर्क सक्रिय हैं।








