
संसद के बजट सत्र के बीच सियासी माहौल और गर्म होता नजर आ रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) आज मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक यह प्रस्ताव संसद के दोनों सदनों में पेश किया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार इस प्रस्ताव को विपक्षी दलों का भी समर्थन मिल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक लोकसभा के 128 और राज्यसभा के 63 सांसदों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके और अन्य विपक्षी दलों के सदस्य भी शामिल बताए जा रहे हैं।
विपक्ष का आरोप क्या है
विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। कुछ विपक्षी नेताओं का दावा है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों और मतदाता सूची संशोधन जैसे मामलों में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया गया है।
तृणमूल कांग्रेस इस प्रस्ताव को लेकर विपक्षी दलों के बीच समर्थन जुटाने में सक्रिय भूमिका निभा रही है। बताया जा रहा है कि यह कदम संसद के मौजूदा बजट सत्र के दौरान राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है।
क्या है CEC को हटाने की प्रक्रिया
संविधान के अनुच्छेद 324(5) के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त को उसी प्रक्रिया से हटाया जा सकता है जिस तरह सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाया जाता है। इसके लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष प्रक्रिया और आवश्यक समर्थन की जरूरत होती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा संसद में सत्तारूढ़ गठबंधन की संख्या अधिक होने के कारण इस प्रस्ताव के पारित होने की संभावना कम मानी जा रही है, लेकिन यह राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कदम जरूर माना जा रहा है।
फिलहाल इस प्रस्ताव को लेकर संसद में राजनीतिक टकराव और बहस तेज होने की संभावना जताई जा रही है।









